दुपट्टा बाइक के पहिये में फंसने से खिंच गई थी गर्दन, डाक्टरों ने बचाई शिक्षिका की जान
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, देहरादून के डॉक्टरों ने 45 वर्षीय स्कूल शिक्षिका पूनम की जान बचाई। मोटरसाइकिल पर दुपट्टा पहिये ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मैक्स अस्पताल देहरादून ने 45 वर्षीय शिक्षिका की जान बचाई।
दुपट्टा फंसने से गर्दन में गंभीर विंडपाइप चोट लगी थी।
डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी और ट्रेकियोस्टोमी सफलतापूर्वक की।
जागरण संवाददाता, देहरादून। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के डाक्टरों ने जानलेवा विंड चोट के बाद सफल इलाज कर 45 साल की स्कूल शिक्षिका की जान बचाई।
एडवांस्ड सर्जिकल इंटरवेंशन और कई विशेषज्ञों के बीच तालमेल से वह अब स्वस्थ हैं और सामान्य कार्य करने लगी हैं।
गुरुवार को अस्पताल में पत्रकार वार्ता में अस्पताल के कार्डियक, थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के डायरेक्टर डा. अरविंद मक्कर और ईएनटी सर्जरी की सीनियर कंसलटेंट डा. इरम खान ने बताया कि दो नवंबर को रुड़की निवासी संजीव कुमार पत्नी पूनम के साथ मोटरसाइकिल से एक समारोह में जा रहे थे।
रायवाला जाते हुए फ्लाइओवर के पास पूनम का दुपट्टा पहिये के फंस गया और गर्दन खिंचने से गंभीर अंदरूनी चोट आई। अस्पताल में आने के बाद पता चला कि उनके सिर व गर्दन में गंभीर चोट आई है। सीटी स्कैन के बाद पता चला कि मरीज की विंडपाइप लगभग पूरी तरह फट चुकी है।
इसके बाद उनके नेतृत्व में एक मल्टी डिसिप्लिनरी टीम ने फटी विंडपाइप की मरम्मत के लिए इमरजेंसी सर्जरी की। शुरुआती रिकवर के बाद मरीज के गले पर सूजन आ गई थी।
ठीक हो रहे एयरवे को सुरक्षित रखने और मरम्मत किए हिस्से पर दबाव डाले बिना सूजन कम होने के लिए एक अस्थायी ट्रेकियोस्टोमी (एक सर्जिकल प्रक्रिया जिसमें ऊपरी एयरवे रुकावटों को बाईपास करने के लिए विंडपाइप में एक छोटा सा छेद किया जाता है) की।
तेजी से फैसले लेने, एडवांस्ड सर्जिकल इंटरवेंशन और कई स्पेशलिटीज के बीच करीबी तालमेल की वजह से ही संभव हो पाया। मरीज अब ठीक है।
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