ऋषिकेश, [जेएनएन]: परिंदों को नहीं दी जाती तालिम उड़ान की, वह खुद ही तय करते हैं मंजिल आसमान की, रखता है जो होंसला आसमान छूने का, उसको नहीं होती परवाह गिर जाने की... किसी कवि ने यह पंक्तियां व्योम गुप्ता जैसे लगन और इरादों के पक्के छात्र को देखकर ही लिखी होंगी। आइसीएसई परीक्षा की 12वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीर्थनगरी के टॉपर बने व्योम गुप्ता ने कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से ही अपनी मंजिल को हासिल किया है। पटरी पर चाय की ठेली लगाकर परिवार चलाने वाले पिता के इस होनहार ने अब एयरोनोटिकल इंजीनियर बनकर देश सेवा करने का संकल्प लिया है।

ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के छात्र व्योम गुप्ता ने तमाम उन छात्रों के लिए एक मिशाल कायम की है, जो आर्थिक तंगी के आगे अपना आत्मसर्मपण कर देते हैं। व्योम के पिता संजय गुप्ता रेलवे रोड पर छाया सिनेमा हॉल के बाहर चाय की ठेली लगाकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। व्योम के परिवार में दादी, मां-पिता और एक छोटा भाई है। छोटी सी ठेली से जो आमदनी होती है, वहीं परिवार की आर्थिकी का जरिया है। 

व्योम गुप्ता ने गणित व रसायन विज्ञान में शत प्रतिशत अंक हासिल किये हैं।  व्योम ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों व खास कर विद्यालय के प्रधानाचार्य एसएस भंडारी को दिया। 

समयबद्ध ढंग से अध्ययन जरूरी व्योम गुप्ता ने बताया कि अच्छे अंकों के लिए कड़ी मेहनत के साथ विषयों का समयबद्ध ढंग से अध्ययन जरूरी है। ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एसएस भंडारी ने व्योम को शुभकामना दी हैं। व्योम की इस उपलब्धि पर मां आरती, पिता संजय गुप्ता की खुशी का ठिकाना नहीं है। लायंस क्लब के अध्यक्ष कपिल गुप्ता, संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा आदि ने उन्हें शुभाकामनाएं देते हुए आगे की शिक्षा के लिए मदद का विश्वास दिलाया। 

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Posted By: Sunil Negi