जागरण संवाददाता, देहरादून। लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने पर राज्य आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई है। कहा कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है, जिससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोर्चा के पदाधिकारियों की कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर बैठक हुई। मोर्चा के अध्यक्ष विनोद असवाल ने कहा कि लंबे समय से मांगों को लेकर सरकार से वार्ता का समय मांगा जा रहा है, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आंदोलनकारियों की जायज मांग पर ध्यान देने का वादा किया है। कहा कि महंगाई, बेरोजगारी से जनता परेशान है, इसलिए इस ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावक परेशान हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारी संगठनों के अध्यक्षों की कमेटी बनाने की भी मांग उठाई।

चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को एकसमान पेंशन, कोरोना संक्रमण से मृत आंदोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन देने, 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण को नए सिरे से विधानसभा में पास करने, समूह-ग की भर्ती में स्थानीय को प्राथमिकता देने, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को उपनल में अलग से रोजगार की व्यवस्था किए जाने की मांग की। इस मौके पर विपुल नौटियाल, सुरेश कुमार, बंटी थापा आदि मौजूद रहे।

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अभाविप ने 28 दिन वितरित किया भोजन

अभाविप (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) महानगर के कार्यकर्त्‍ताओं ने वैश्विक महामारी में भी निरंतर सेवा कार्य जारी रखा। सोमवार को 28 दिन बाद परिषद की रसोई को विराम दिया गया। जिसमें मुख्यातिथि महापौर सुनील उनियाल गामा ने कार्यकर्त्‍ताओं के कार्य की सराहना की। अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने बताया कि डीबीएस पीजी कालेज में अभाविप कार्यकर्त्‍ताओं ने 28 दिनों तक परिषद की रसोई में जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट बनाए।

जिन्हें गांधी शताब्दी, दून अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों व शहर के अन्य स्थानों पर जरूरतमंदों को वितरित किया गया। 6928 भोजन के पैकेट वितरीत किए गए। इस मौके पर अभाविप के प्रदेश अध्यक्ष डा. कौशल कुमार, जितेंद्र रावत, डीबीएस के प्राचार्य डा. पीसी पांडे प्रांत कोषाध्यक्ष रमाकांत श्रीवास्तव, जिला प्रमुख डा. विजय बहुगुणा आदि शामिल रहे।

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Edited By: Sunil Negi