संवाद सूत्र, त्यूणी/कालसी: इस बार 73वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर निकली उत्तराखंड की झांकी में जौनसार के उभरते गायक अभिनव चौहान के गीत की प्रस्तुति हुई। यह पहला मौका है जब जनजातीय क्षेत्र के किसी युवा कलाकार के गीत को विशेषज्ञ समिति ने चयन किया है। युवा कलाकार की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है।

दिल्ली के राजपथ पर उत्तराखंड की झांकी के टीम लीडर एवं संयुक्त निदेशक सूचना विभाग केएस चौहान ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड में निकाले जाने वाली झांकी में थीम सांग के लिए राज्य से तीन कलाकारों के गीत विशेषज्ञ समिति को भेजे गए थे। इसमें जनजाति क्षेत्र जौनसार-बावर के फटेऊ गांव निवासी कलाकार अभिनव चौहान के गीत का चयन किया गया। झांकी की थीम पर आधारित अभिनव के इस गीत को सभी ने पंसद किया। राजपथ पर जब झांकी के साथ ये गीत बजा तो सभी ने तालियों की गड़गडाहट से जोरदार स्वागत किया। राज्य के चयनित 16 कलाकारों ने अभिनव के गीत पर लोक कला का शानदार प्रदर्शन किया। राज्य की झांकी में हेमकुंड साहिब का गुरुद्वारा दिखाया गया। इसमें देश के प्रमुख धामों में एक बद्रीनाथ धाम का मंदिर, फूंलों की घाटी, झांकी के मध्य में डोबरा-चांठी ब्रिज, देश के सबसे ऊंचे टिहरी बांध, चार धाम के लिए 12 हजार करोड़ की लागत से बन रही आलवेदर रोड की झलक दिखी। जौनसार के युवा कलाकार सिगर अभिनव ने लोक गीतों के साथ रियलिटी शो, फिल्म, वेब सीरिज, धारावाहिक और वीडियो एलबम भी रिलीज हुए हैं। अभिनव का जौनसारी संस्कृति पर आधारित ठंडी-ठंडी हवा गीत काफी हिट रहा।

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