यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर बेची बहन की पैतृक संपत्ति, नौ के खिलाफ मुकदमा
धामावाला बाजार में रहने वाली एक महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर अपनी बड़ी बहन की पैतृक संपत्ति बेच दी। ...और पढ़ें

देहरादून, जेएनएन। धामावाला बाजार में रहने वाली एक महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर अपनी बड़ी बहन की पैतृक संपत्ति बेच दी। नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपित बहन सहित नौ अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली शिशुपाल नेगी के अनुसार, धामावाला बाजार निवासी फईम अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी कि बाजार में उनकी माता शमीम अख्तर की पैतृक संपत्ति है।
इसमें से कुल संपत्ति में एक हिस्सा फईम की माता व दूसरा हिस्सा फईम की मौसी शहनाज परवीन का है। यह संपत्ति दोनों बहनों को पिता मजहर मोहम्मद की मृत्यु के बाद बंटवारे में मिली थी। 16 दिसंबर 2019 को शमीम अख्तर को, जोकि हल्द्वानी में रह रही थीं, को रिश्तेदारों ने सूचना दी कि शहनाज परवीन ने 10 लाख रुपये में पूरी संपत्ति किसी को बेच दी है। यह जानकारी मिलते ही शमीम अख्तर बेहोश हो गईं। उन्हें हल्द्वानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया है और वह कोमा में हैं। इस पर शमीम अख्तर के बेटे फईम देहरादून आए और संपत्ति की देखरेख के लिए चाबी अपनी दूसरी मौसी अफरोज परवीन को दे दी।
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इसके बाद फईम 26 जुलाई 2020 को देहरादून आए तो पता लगा कि मौसी शहनाज परवीन ने खुद को मजहर मोहम्मद का एकमात्र वारिस बताते हुए संपत्ति प्रशांत यादव व दीपक किरदत्त के नाम कर दी। कोतवाल ने बताया कि इस मामले में आरोपित शहनाज परवीन, अंबर सहबाज दोनों निवासी शालीमार बाग नई दिल्ली, प्रशांत यादव, दिलीप कुमार की पत्नी तीनों निवासी तिलकनगर, दीपक किरदत्त, रामचंद्र किरदत्त, शोभा किरदत्त तीनों निवासी कारगी चौक, अफरोज परवीन निवासी त्यागी रोड के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
