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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आज से Single Use Plastic प्रतिबंधित, इन वस्तुओं का प्रयोग करेंगे तो देना होगा 100 से पांच लाख रुपये तक जुर्माना

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Published: Thu, 30 Jun 2022 08:28 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 08:34 AM (IST)

Single Use Plastic Ban केंद्र व राज्य सरकार के नए आदेश के क्रम में नगर निगम ने शहर में पालीथिन ...और पढ़ें

Single Use Plastic Ban : देना होगा 100 से पांच लाख रुपये तक जुर्माना
Single Use Plastic Ban : देना होगा 100 से पांच लाख रुपये तक जुर्माना

जागरण संवाददाता, देहरादून: Single Use Plastic Ban : केंद्र व राज्य सरकार के नए आदेश के क्रम में नगर निगम ने शहर में पालीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर आज यानि शुक्रवार से दोबारा प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले साल फरवरी में राज्य सरकार ने नियमावली जारी कर पूरे प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक व पालीथिन पर पर प्रतिबंध लगा दिया था, मगर कोरोना की दूसरी लहर के कारण जिम्मेदार महकमे कार्रवाई से बचते रहे।

अब कोरोना संक्रमण से जुड़े सभी प्रतिबंध समाप्त होने व प्रदूषण को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार के आदेश पर राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक व पालीथिन का उपयोग रोकने व जुर्माना वसूलने की तैयारी कर ली है। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने निगम की टीमों को शुक्रवार से जुर्माने की कार्रवाई का आदेश दिया है।

सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति के लिए राज्य सरकार की ओर से पालीथिन कैरीबैग समेत प्लास्टिक व थर्माकोल से बने सिंगल यूज उत्पादों के उपयोग, उत्पादन एवं बिक्री पर प्रतिबंध के बाद नगर निगम ने शहर में व्यापक अभियान की तैयारी की है। नियमों का उल्लंघन करने पर 100 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक के जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है।

नगर निगम ने 2019 में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया था। इसमें 50 किमी लंबी मानव श्रृंखला भी बनाई गई थी। बीते दो वर्ष में कोरोना काल के कारण निगम ने अपने अभियान पर रोक लगा दी थी, मगर इसके बाद से शहर में प्लास्टिक व पालीथिन के कैरीबैग समेत पीईटी, प्लास्टिक बोतल, कप, गिलास, प्लास्टिक और थर्माकोल से बने पत्तल, कप, गिलास आदि का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है।

प्लास्टिक-पालीथिन व थर्माकोल के उत्पाद एक बार उपयोग के बाद यत्र-तत्र फेंके जाने से ये नालियों और सीवरेज सिस्टम में अवरोध पैदा कर रहे तो प्लास्टिक में मौजूद रंग, पिंगमेंट, प्लास्टिक में लिपटे खाद्य पदार्थों को दूषित करता है। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट और माइक्रो प्लास्टिक जैवविविधता के लिए खतरे का कारण भी बनता जा रहा है। इसे देखते हुए नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई को टीमें तैयार कर दी हैं।

इन सभी वस्तुओं पर प्रतिबंध

पालीथिन कैरी बैग, प्लास्टिक-थर्माकोल से बनी थैलियों, पत्तल, ग्लास, कप, कांटा, चम्मच, स्ट्रा, चाकू समेत पैंकिंग सामग्री के प्रयोग, बिक्री, उत्पादन, भंडारण व परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए प्रवर्तन की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।

ये है सिंगल यूज प्लास्टिक

सिंगल यूज प्लास्टिक को डिस्पोजेबल प्लास्टिक भी कहा जाता है। सिंगल-यूज प्लास्टिक को एक बार इस्तेमाल करने के बाद छोड़ दिया जाता है। ऐसे प्लास्टिक का अकसर उचित तरीके से निपटान नहीं किया जाता है और इसे रिसाइकिल भी नहीं किया जा सकता। अकसर प्लास्टिक को उपयोग के बाद जला दिया जाता है या लैंडफिल में दफन कर लिया जाता है, जो पर्यावरण को लम्बे समय तक नुकसान पहुंचाता है।

यह है जुर्माने का प्रविधान

उत्पादनकर्ता : पांच लाख रुपये जुर्माना

परिवहनकर्ता : दो लाख रुपये जुर्माना

खुदरा विक्रेता : एक लाख रुपये जुर्माना

व्यक्तिगत उपयोग : सौ रुपये जुर्माना

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