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उत्तराखंड में निर्यात क्षमता बढ़ाने पर विचार मंथन

विकासनगर दून बिजनेस स्कूल में संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने उत्तराखंड में निर्यात क्षमता पर विस्तार से चर्चा की।

By JagranEdited By: Published: Wed, 02 Mar 2022 09:28 PM (IST)Updated: Wed, 02 Mar 2022 09:28 PM (IST)
उत्तराखंड में निर्यात क्षमता बढ़ाने पर विचार मंथन

जागरण संवाददाता, विकासनगर: दून बिजनेस स्कूल में संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने उत्तराखंड में निर्यात क्षमता पर विचार मंथन किया। इंजीनियरिग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) संयोजक पंकज गुप्ता ने उद्घाटन भाषण में निर्यात के लिए नीतियों के प्रचार और विकास में ईईपीसी, ईसीजीसी, उद्योग निदेशालय उत्तराखंड की ओर से निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। ईईपीसी के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सूरज ने नोडल एजेंसी, काउंसिल की भूमिका और इसके सदस्यों को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। बताया कि ईईपीसी कुल निर्यात का लगभग 28 प्रतिशत समर्थन करता है और इंजीनियरिग से 107 बिलियन अमरीकी डालर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने प्रयास में प्रशिक्षण, विनिर्माण समर्थन और प्रौद्योगिकी उन्नयन सहित अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्रीय निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इंजीनियरिग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी इंडिया) ने संगोष्ठी का आयोजन उत्तराखंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और राज्य सरकार के सहयोग से किया। निर्यात ऋण और गारंटी निगम के उप महाप्रबंधक गौरव अंशुमन ने इस के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ईसीजीसी जोखिम सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें देश के जोखिम रेटिग के आधार पर जोखिम, भारतीय निर्यातकों और संस्थानों को निर्यात और विदेशी निवेश दोनों को शामिल करना है। इस योजना में 239 से अधिक गंतव्यों को निर्यात शामिल है। ईईपीसी उपनिदेशक महावीर सिंह सजवान ने नई और बेहतर उत्तराखंड की निर्यात नीति 2021 के बारे में जानकारी दी। जिसमें जैविक उत्पादों, कृषि आधारित और प्रसंस्कृत खाद्य, सुगंधित और औषधीय पौधों पर आधारित उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, पर्यटन और कल्याण जैसे पहचाने गए क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 20-21 में हासिल किए गए 15,900 करोड़ रुपये से अगले पांच वर्षों में निर्यात को दोगुना कर 30 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है। प्रचार के लिए प्रत्येक जिले से दो-दो उत्पादों की पहचान की गई है। उनमें अनुसंधान एवं विकास सहायता, ई-सहायता, प्रमाणन में सहायता आदि शामिल हैं। डीबीएस समूह अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने उद्योग के लाभ के लिए डीबीएस संसाधनों का लाभ उठाने और उत्तराखंड को निर्यात के लिए निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में मदद करने का संकल्प लिया। संगोष्ठी में निर्यातकों, निर्माताओं और उद्यमियों ने भाग लिया। डीबीएस के प्रबंधन छात्रों को उद्योग की चिताओं और उद्योग व निकायों के साथ लाइव परियोजनाओं पर काम करने के लिए संभावित संपर्क का अनुमान मिला। सारा साई और सह-संयोजक (ईईपीसी) के एमडी पीके धवन ने छात्रों को बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए जोखिम के डर को दूर करने की हिम्मत दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंकज गुप्ता ने की और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग डीबीएस की शिवानी अग्रवाल ने सहयोग किया।


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