संवाद सूत्र, त्यूणी: उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन एवं नवाचार विषय पर राजकीय महाविद्यालय त्यूणी में संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें महाविद्यालय में 180 दिन कक्षा दिवस, छात्र-छात्राओं की 75 फीसद अनिवार्य उपस्थिति आदि पर चर्चा की गई।

मंगलवार को आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि उत्तराखंड जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष व दर्जाधारी राज्यमंत्री मूरतराम शर्मा ने अध्ययनरत ग्रामीण छात्र-छात्राओं को उच्चशिक्षा पाने के साथ संस्कारवान व जिम्मेदार नागरिक बनने को कहा। उन्होंने कहा कि युवाओं के कंधों पर घर-परिवार, क्षेत्र व राष्ट्र के विकास की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ कैरियर कांउसलिग के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके बाद संगोष्ठी में कई महत्वपूर्ण बिदुओं पर चर्चा की गई। पठन-पाठन को सुचारू संचालित करने, राज्य के दूरस्थ जनजाति क्षेत्र में गुणवत्ता परक उच्च शिक्षा, महाविद्यालय में 180 दिन कक्षा दिवस, छात्र-छात्राओं की 75 फीसद अनिवार्य उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की शिक्षा को रोजगार परक बनाना, महाविद्यालय में अभिभावक संघ व पुरातन छात्रसंघ गठन से सामाजिक विकास एवं उच्च शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने, नशे के प्रति जागरुकता आदि पर चर्चा की गई। प्राचार्य डॉ. अंजना श्रीवास्तव ने अभिभावकों के समक्ष महाविद्यालय का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। कहा कि उन्नत भारत अभियान के तहत गोद लिए देवघार खत के रायगी गांव में शिक्षा व स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास जारी हैं। इससे पहले मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय परिसर में पौधा रोपा। इस दौरान डॉ दीपक कुमार पांडे, रायगी के प्रधान रतन सिंह चौहान, डॉ. राजेश कुमार, डा.ॅ मीनाक्षी कश्यप, डॉ. परवेज आलम, मंजू गौतम, पीटीए अध्यक्ष महेश्वर सिंह, हुकम सिंह आदि मौजूद रहे। इससे पहले क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे उत्तराखंड जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मूरतराम ने ने हनोल स्थित महासू देवता मंदिर में परिसर मत्था टेका।

Posted By: Jagran

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