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उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन के नियम बदले, 1 नवंबर से लागू होगा नया सिस्टम

Published: Thu, 08 Oct 2026 08:47 AM (IST)

उत्तराखंड में अब 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन लेना आसान होगा, क्योंकि विद्युत नियामक आयोग ने इसके शुल्क पहले से निर्धारित कर दिए हैं।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेना अब आसान होगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने 150 किलोवाट तक के नए विद्युत कनेक्शन के लिए शुल्क पहले से निर्धारित कर दिए हैं।

अब कनेक्शन शुल्क तय करने के लिए स्थल निरीक्षण और अलग से मांग का आकलन नहीं करना पड़ेगा। उपभोक्ता को आवेदन के समय ही निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। नई व्यवस्था एक नवंबर, 2026 से लागू होगी।

इन कनेक्शनों के लिए शुल्क निर्धारित

यूईआरसी ने आदेश में 150 किलोवाट/176 केवीए तक के कनेक्शनों के लिए शुल्क निर्धारित किए हैं, 25 से 50 किलोवाट तक के कनेक्शन में सर्विस लाइन शुल्क घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 9,000 रुपये और गैर-घरेलू के लिए 22,500 रुपये तय किया गया है।

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50 से 75 किलोवाट तक यह शुल्क क्रमश: 12,000 और 30,000 रुपये तथा 75 से 150 किलोवाट तक 18,000 और 45,000 रुपये होगा। 300 मीटर तक ओवरहेड लाइन के लिए क्रमश: 1.25 लाख और 2.25 लाख रुपये तथा भूमिगत लाइन के लिए 4.70 लाख और 8.50 लाख रुपये रखा गया है।

300 मीटर से ज्यादा दूरी पर अतिरिक्त शुल्क

यदि नए कनेक्शन के लिए मौजूदा वितरण लाइन से 300 मीटर से अधिक लाइन विस्तार की जरूरत होगी तो अतिरिक्त दूरी का शुल्क अलग से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारी को निर्धारित शुल्क जमा होने के 15 दिन के भीतर अतिरिक्त राशि की जानकारी देनी होगी।

इससे उपभोक्ता को पहले से अपनी लागत का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रीपेड मीटर से कनेक्शन लेने वालों से प्रारंभिक सुरक्षा राशि नहीं ली जाएगी।

वहीं, यदि आवश्यक क्षमता का ट्रांसफार्मर स्टोर में उपलब्ध नहीं है तो यूपीसीएल उपभोक्ता पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा सकेगा, 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए आवेदन के साथ ही निर्धारित शुल्क जमा होने पर साइट निरीक्षण के आधार पर शुल्क तय करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

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आयोग ने एलटी साइड पर मीटरिंग की अधिकतम सीमा 75 से बढ़ाकर 150 किलोवाट कर दी है। इससे 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए शुल्क पहले से निर्धारित रहेंगे और कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया सरल होगी।