जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्य सरकार ने रोडवेज को अलग-अलग मदों में 57.34 करोड़ रुपये देने पर सहमति दे दी है, लेकिन इसके साथ कईं शर्ते भी जोड़ दी हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर रोडवेज को आर्थिक मदद देने को तैयार हुई सरकार ने रोडवेज में फिलहाल किसी भी तरह की नई नियुक्ति पर रोक लगा दी है। इसके अलावा रोडवेज बसों की आयु सीमा बढ़ाने व बस संचालन पर व्यय कम करने का फैसला भी लिया है।

कोरोना काल के कारण रोडवेज घाटे से उबर नहीं पा रहा है। कर्मचारियों को बीते दिसंबर से अब तक वेतन नहीं मिल पाया है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को रोडवेज कर्मचारियों का वेतन देने का आदेश दिया था। इस संबंध में सरकार से जवाब मांगा गया था।

इस पर सरकार ने मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। इस उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक 12 अप्रैल को हुई थी। बताया जा रहा कि कमेटी ने रोडवेज को पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन से होने वाले घाटे की मद में से 17.34 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से 20 करोड़ रुपये और सरल ऋण के रूप में 20 करोड़ रुपये रोडवेज को उपलब्ध कराने की संस्तुति की है। मदद से पूर्व अपर सचिव परिवहन आनंद श्रीवास्तव ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक को पत्र भेज पिछले तीन साल की आय-व्यय का ब्योरा मांगा है। इसमें यह भी बताना होगा कि इन तीन साल में राज्य सरकार ने कितनी मदद की।

अपनी संपत्ति बेचेगा रोडवेज

बैठक में यह भी तय हुआ कि रोडवेज उपयोग में न आने वाली अपनी संपत्ति का जल्द विक्रय करेगा। पहले चरण में गांधी रोड स्थित पुराना बस अड्डा एवं मंडलीय प्रबंधक कार्यालय की संपत्ति को बाजार में विक्रम किया जाएगा। तय हुआ कि सर्किल रेट से दोगुने दाम पर खुले बाजार में संपत्ति की नीलामी की जाएगी। यदि मूल्य अधिक होने पर संपत्ति की बिक्री नहीं हुई तो उक्त संपत्ति को विकास प्राधिकरण की मदद से सरकारी विभाग को विक्रय किया जाएगा। इससे मिलने वाली 50 फीसद राशि रोडवेज सीधे उपयोग कर सकेगा, जबकि शेष राशि की एफडी की जाएगी। उससे मिलने वाले ब्याज का रोडवेज उपयोग कर सकेगा।

चारधाम में चलेंगी रोडवेज बसें

सुविधा और सुरक्षित परिवहन को लेकर चारधाम यात्रा में इस बार भी रोडवेज बसों को उतारा जाएगा। रोडवेज की आय बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा में पर्याप्त संख्या में रोडवेज बसों के संचालन की अनुमति दी है। यात्रा मार्ग पर पहले चरण में राज्य परिवहन निगम की 50 बसों को लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संख्या बढ़ाई जाएगी। गत वर्ष यात्रा में पहली बार रोडवेज बसें लगाई गई थीं। कोरोना प्रभाव के कारण प्राइवेट बस संचालक संचालन के लिए तैयार नहीं हुए तो सरकार को रोडवेज बसों को यात्रा में लगाना पड़ा था। रोडवेज बसें ऋषिकेश से गंगोत्री, केदारनाथ समेत बदरीनाथ के लिए संचालित की गई थी व इनके टिकट भी ऑनलाइन सेवा से अंतर्गत जोड़े गए थे। रोडवेज हरिद्वार और ऋषिकेश बस अड्डे से प्रतिदिन यात्रा मार्ग के प्रमुख स्टेशन उत्तरकाशी, जोशीमठ, यमुनोत्री और गंगोत्री के लिए 25-30 बसें भी संचालित करेगा।

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