जागरण संवाददाता, विकासनगर: यूक्रेन से भारतीयों के स्वदेश लौटने का क्रम तेज हो गया है। पछवादून के एक शिक्षक और छात्र के लौटने पर उनके स्वजन खुशी मना रहे हैं। दोनों के इंतजार में रात-दिन परेशान हो रहे परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इनमें शिक्षक भानू कुमार पुत्र महावीर सिंह तोमर ब्रिटेन काउंसिल में अग्रेजी के शिक्षक हैं। वहीं मोहम्मद मुकर्रम मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल तृतीय वर्ष का छात्र है।

दिनकर विहार विकासनगर के महावीर सिंह तोमर के पुत्र भानु कुमार तोमर ने बताया कि रूस यूक्रेन के बीच युद्ध के बाद हालात खराब होने पर उन्होंने स्वदेश लौटने में ही भलाई समझी। भानु कीव से शुक्रवार को ट्रेन से हंगरी के पास पहुंचे, जहां से करीब 22 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें हवाई सेवा की सुविधा मिली। हंगरी से दिल्ली पहुंचने पर उत्तराखंड सरकार के प्रयास से भानू को टैक्सी सुविधा मिली, जिससे वह मंगलवार की रात अपने घर पहुंचे। यूक्रेन की इवानो फ्रेन्किवस नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल तृतीय वर्ष के छात्र मोहम्मद मुकर्रम पीठ वाली गली सेलाकुई के रहने वाले हैं। मुकर्रम यूक्रेन से पहले दिल्ली पहुंचे, जहां से वह सीधे घर न आकर सहारनपुर अपने रिश्तेदार के यहां चले गए। उन्होंने अपने पिता हाजी याकूब को स्वदेश लौटने की सूचना फोन पर दी तो घर के सभी सदस्यों के चेहरे खिल उठे। युद्ध के समय से सभी के चेहरे पर रहने वाला तनाव पलभर में दूर हो गया। बुधवार को मुकर्रम सहारनपुर से सेलाकुई पहुंचे तो माता पिता और अन्य परिवार के सदस्यों ने अपने लाल को गले लगा लिया। दोनों परिवारों ने यूक्रेन से स्वदेश लौटने में मिली केंद्र और राज्य सरकार की मदद के प्रति आभार जताया।

Edited By: Jagran

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