जागरण संवाददाता, देहरादून: रक्षा क्षेत्र में निजीकरण के विरोध में 15 फरवरी को संसद पर होने वाले धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दून के रक्षा कर्मियों ने भी कमर कस ली है। दून से डीआरडीओ, ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और एमईएस से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए संसद पहुंचेंगे।

ऑल इंडिया डिफेंस इंपलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जगदीश छिमवाल ने कहा कि उनके संगठन के अलावा इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन और भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ एकजुट होकर 15 को संसद के समक्ष धरना दे रहे हैं। देशभर से करीब चार लाख रक्षा असैन्य कर्मियों से धरने में शरीक होने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से रक्षा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, उससे रक्षा इकाइयों पर संकट गहरा गया है। उत्पादन निरंतर गिर रहा है और काम न होने से करीब 90 हजार कर्मचारी सरप्लस हो गए हैं। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से रक्षा क्षेत्र के तीनों संगठन रक्षा उत्पादन व सेवाओं में निजीकरण/आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, आयुध निर्माणियों में बनने वाले उत्पादों में नॉनकोर घोषित न करने, रक्षा इकाइयों के सुचारू संचालन, आर्मी बेस वर्कशॉप में गोको मॉडल न अपनाने आदि पर आवाज बुलंद की जाएगी।

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