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राजाजी के पश्चिमी हिस्से में अब बढ़ेगा बाघों का कुनबा, कॉर्बेट से आएंगे पांच और बाघ 

Published: Sun, 21 Jun 2026 09:27 AM (IST)

राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी हिस्से में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए कॉर्बेट से पांच और बाघ लाने का प्रस्ताव एनटीसीए को भेजा गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

HighLights

  1. राजाजी के पश्चिमी हिस्से में बढ़ेंगे बाघों की संख्या

  2. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से लाए जाएंगे पांच और बाघ

  3. एनटीसीए को भेजा गया प्रस्ताव, मिलेगी जल्द मंजूरी

केदार दत्त, देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व का पश्चिमी हिस्सा भी अब बाघों की दहाड़ से गूंजेगा। वहां बाघों का कुनबा बढ़ाने के दृष्टिगत अब कार्बेट टाइगर रिजर्व से पांच और बाघ लाने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। वन मुख्यालय ने इस सिलसिले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को प्रस्ताव भेज दिया है।

वहां से हरी झंडी मिलने के बाद बाघों का चयन कर इन्हें लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें कि 24 दिसंबर, 2024 से एक मई, 2025 तक की अवधि में भी कार्बेट से पांच बाघ राजाजी के इसी हिस्से में लाए गए थे।

इसलिए पड़ रही जरूरत

1075 वर्ग किलोमीटर (397 वर्ग किमी कोर व 678 वर्ग किमी बफर) क्षेत्र में फैले राजाजी टाइगर रिजर्व को गंगा नदी दो हिस्सों में विभक्त करती है। इसके पूर्वी हिस्से में चीला और गौहरी रेंज हैं, जहां बाघों की संख्या 50 से अधिक है। पश्चिमी हिस्से में मोतीचूर, कांसरो, रामगढ़, धौलखंड, आशारोड़ी, रानीपुर व मोहंड रेंज हैं। बेहतर पर्यावास के बावजूद यह हिस्सा बाघों के लिहाज से सूना है।

यह है बाधा

दरअसल, राजाजी के पूर्वी हिस्से के बाघ गंगा नदी और वहां बनी चीला नहर को पार करने का जोखिम नहीं उठाते। साथ ही रिजर्व के भीतर से राष्ट्रीय राजमार्ग व रेल मार्ग भी गुजर रहा है। बीच में मानव बस्तियां भी हैं। इस सबको देखते हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी के पश्चिमी हिस्से में बाघों को लाने की कवायद पर जोर दिया गया।

अब बढ़ेगा कुनबा

पूर्व में कार्बेट से यहां पांच बाघ (तीन मादा व दो नर) लाए गए थे। तब एक बाघिन ने चार शावकों को भी जन्म दिया था, लेकिन ये जीवित नहीं रह पाए। कार्बेट फाउंडेशन की हाल में हुई बैठक में कार्बेट से पांच और बाघों (तीन मादा व दो) को राजाजी के पश्चिमी हिस्से में भेजने पर सहमति बनी थी।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा साकेत बडोला के अनुसार इस संबंध में वन मुख्यालय के माध्यम से एनटीसीए को प्रस्ताव भेज दिया गया है। पांच और बाघों के आने पर इस हिस्से में इनकी संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।

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