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उत्तराखंंड में आफत बनी बारिश: चारधाम यात्रा रुकी, देहरादून-उत्तरकाशी में भारी बरसात का यलो अलर्ट

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:58 AM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 07:25 AM (IST)

उत्तराखंड में 48 घंटे की मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे भूस्खलन और ...और पढ़ें

बारिश के पानी के बीच निकलती गाड़ी।

बारिश के पानी के बीच निकलती गाड़ी।

HighLights

  1. उत्तराखंड में 48 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश जारी रही।

  2. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन से कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं।

  3. मौसम अलर्ट के कारण चारधाम यात्रा पर रोक लगाई गई।

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में करीब 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार रात शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार रात तक जारी रहा। कुमाऊं मंडल में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हैं, जबकि चोटियों पर लगातार हिमपात होने से तापमान में भारी गिरावट आई है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए चारधाम यात्रा पर रोक लगाई गई है। सोमवार को मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद यात्रा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। 

नैनीताल झील से निकासी जारी

बात नैनीताल की करें तो यहां सोमवार सुबह बारिश थमने से राहत महसूस की गई है, झील से निकासी जारी है। जिले में 21 सड़कें बंद हैं। वहीं बागेश्वर में कोहरा छाया हुआ है। उच्च हिमालयी चोटियों पर हिमपात हुआ है। ग्रामीण सड़कें जगह-जगह मलबा आने से यातायात के लिए प्रभावित हैं।

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पहाड़ से मैदान तक बारिश का प्रकोप, चारधाम यात्रा पर रोक बरकरार

लगातार बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान में भी रिकार्ड स्तर की गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी लोगों को सितंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा है। कुमाऊं में चंपावत समेत कई इलाकों में बीते 24 घंटे में 150 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

तापमान में 10 डिग्री तक गिरावट, चोटियों पर हिमपात से बढ़ी ठंड

लगातार बारिश और मलबे के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुन्ना बैंड के पास शुक्रवार रात से बंद यातायात रविवार शाम करीब 3:30 बजे, 43 घंटे बाद बहाल हो सका। हाईवे खुलने के बाद दो दिन से फंसे सैकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। भारी बारिश के कारण कुमाऊं मंडल में 37 सड़कें बंद हैं। अपर आयुक्त कुमाऊं जीवन सिंह नगन्याल के अनुसार नैनीताल जिले में दो राजमार्ग समेत 15 सड़कें, पिथौरागढ़ में 15, बागेश्वर में राजमार्ग समेत चार, अल्मोड़ा में राजमार्ग समेत दो और चंपावत में एक सड़क बंद है। गढ़वाल मंडल में भी रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और पौड़ी जिसमें 30 से अधिक संपर्क मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध हो गए।

सोमवार को भी बारिश का दौर, देहरादून-उत्तरकाशी में यलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। उत्तरकाशी और देहरादून में कहीं-कहीं भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। गढ़वाल मंडल के जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने व वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। हालांकि, मंगलवार से प्रदेश में वर्षा से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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मौसम तंत्र भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए राजस्थान और गुजरात की ओर बनी हुई है। वहीं, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र रविवार सुबह तक उसी क्षेत्र में सक्रिय रहा। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है। इसके अगले 12 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।