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देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी के पास प्रस्तावित माल की स्वीकृति रद, सुरक्षा कारणों से MDDA का बड़ा फैसला

Published: Fri, 17 Apr 2026 10:16 PM (IST)

एमडीडीए ने देहरादून में आईएमए के पास प्रस्तावित 35 करोड़ रुपये के शॉपिंग मॉल परियोजना की सशर्त स्वीकृति रद कर दी है।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की फोटो।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की फोटो।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) के पास प्रस्तावित करीब 35 करोड़ रुपये की शापिंग माल परियोजना को दी गई सशर्त स्वीकृति मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने निरस्त कर दी है।

सेना की ओर से सुरक्षा संबंधी आपत्ति दर्ज कराने और बिल्डर की ओर से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रस्तुत न करने पर यह कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई को रक्षा क्षेत्र के आसपास निर्माण नियमों के सख्त पालन के रूप में देखा जा रहा है।

शिवम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने आइएमए से सटी भूमि पर व्यावसायिक माल निर्माण के लिए एमडीडीए में आवेदन किया था।

प्रारंभिक स्तर पर सशर्त अनुमति प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन बाद में सेना ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया कि रक्षा प्रतिष्ठान के इतने नजदीक किसी भी निर्माण के लिए स्थानीय सैन्य प्राधिकरण की लिखित एनओसी अनिवार्य होती है।

सेना ने इस संबंध में जिला प्रशासन, एमडीडीए व संबंधित विभागों को पत्र भेजकर पूछा कि बिना सैन्य अनुमति परियोजना को स्वीकृति किस आधार पर दी गई।

इस पर एमडीडीए की ओर से संबंधित बिल्डर को दो महीने की मोहलत दी गई, ताकि वह सेना से आवश्यक एनओसी प्राप्त कर सके। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

इसके बाद प्राधिकरण ने आवेदन निरस्त करते हुए स्वीकृति समाप्त कर दी। देहरादून में रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास तेजी से बढ़ते निर्माण के बीच यह कार्रवाई भविष्य के प्रस्तावों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

एमडीडीए ने सेना को भेजा था पत्र

प्राधिकरण के अनुसार बिल्डर को दी गई सशर्त अनुमति के क्रम में एमडीडीए की ओर से आइएमए को भी पत्र भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला।

प्राधिकरण ने इसके बाद रिमांडर भी भेजा, लेकिन जवाब नहीं आया। अब सेना की ओर से आपत्ति जताते के तुरंत बाद प्राधिकरण ने एक्शन लिया।

वहीं, सेना ने आपत्ति अपने पत्र में कहा कि आइएमए जैसे संवेदनशील सैन्य प्रशिक्षण संस्थान के पास किसी भी व्यावसायिक निर्माण से सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है।

रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास निर्माण संबंधी मामलों में नियमों से किसी प्रकार की छूट संभव नहीं है। वर्ष-2011 में रक्षा मंत्रालय की ओर से जो नोटिफिकेशन जारी हुआ था, उसमें रक्षा संस्थान के 100 मीटर दायरे में निर्माण पर रोक थी, लेकिन वर्ष-2016 में नए नोटिफिकेशन में यह दायरा 10 मीटर कर दिया गया। हालांकि, नोटिफिकेशन में संबंधित रक्षा या सैन्य संस्थान से आवश्यक अनापत्ति पत्र लाना अनिवार्य है। बिल्डर यह अनापत्ति पत्र हाजिर नहीं कर सका। इसलिए पूर्व में दी गई सशर्त अनुमति निरस्त कर दी गई।

-बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए

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