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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अराईयावाला में गुरु महाराज के जयकारों से निहाल हुई संगत

By JagranEdited By:
Published: Mon, 14 Mar 2022 07:57 PM (IST)

आगामी 22 मार्च से शुरू होने जा रहे देहरादून के ऐतिहासिक झंडा मेला की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ...और पढ़ें

अराईयावाला में गुरु महाराज के जयकारों से निहाल हुई संगत
अराईयावाला में गुरु महाराज के जयकारों से निहाल हुई संगत

जागरण संवाददाता, देहरादून: आगामी 22 मार्च से शुरू होने जा रहे देहरादून के ऐतिहासिक झंडा मेला की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इस क्रम में सोमवार को श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में श्रीझंडे जी की विशेष पूजा और अरदास की गई। इसके बाद दरबार साहिब से सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज के नेतृत्व में नौ सदस्यीय जत्था अराईयांवाला (हरियाणा) के लिए रवाना हुआ। जहां श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों के बीच 60 फीट ऊंचे श्रीझंडे जी का आरोहण किया गया। इधर, आज (मंगलवार) से दरबार साहिब में देश-विदेश से संगतों के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

होली के पांचवें दिन दरबार साहिब में श्रीझंडे जी के आरोहण के साथ झंडा मेला की शुरुआत होती है। इससे पहले हरियाणा के अराईयांवाला गांव में श्रीझंडे जी का आरोहण किया जाता है। इसके लिए देहरादून से दरबार साहिब के पदाधिकारियों का जत्था अराईयांवाला पहुंचा। वहां श्रीझडे जी को उतारने के बाद उन्हें गंगाजल और पंचगव्य से स्नान कराया गया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में श्रीझंडे जी का आरोहण किया गया। आज पंजाब से पहली पैदल संगत सहसपुर पहुंचेगी, कल आएगी दून

श्रीझंडा मेला आयोजन समिति के व्यवस्थापक केसी जुयाल ने बताया कि आज पंजाब से पहली पैदल संगत सहसपुर स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूल पहुंचेगी। 16 मार्च को यह संगत दून पहुंचेगी। यहां दर्शनी गेट पर दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुआई में दरबार साहिब प्रबंधन पैदल संगत का भव्य स्वागत करेगा। संगत श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लेकर दर्शनी गेट से दरबार साहिब में प्रवेश करेगी। वहीं, 19 मार्च को संगतें नए ध्वजदंड (श्रीझंडे जी) को कंधों पर उठाकर एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बाम्बे बाग से भंडारी बाग, मातावाला बाग, सहारनपुर चौक होते हुए दरबार साहिब पहुंचाएगी। 21 मार्च को परंपरा के अनुसार पूरब की संगत की विदाई होगी। अगले दिन श्रीझंडे जी के आरोहण के साथ झंडा मेला शुरू होगा।