जागरण संवाददाता, देहरादून।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से बदरीनाथ और केदारनाथ में चल रहे पुनर्निमाण कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से इस बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया।

श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बदरीनाथ एवं केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केदारनाथ एवं बदरीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। केदारनाथ निकटवर्ती स्थानों को भी आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने होंगे।

मूलभूत सुविधाओं पर दिया जाए ध्‍यान

  • उन्होंने कहा कि इसके लिए आस-पास के एरिया के डेवलपमेंट की दिशा में प्रयास करने होंगे। रामबाड़ा और केदारनाथ के बीच श्रद्धालुओं को ठहरने एवं कौन सी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं, इस ओर भी ध्यान दिया जाए।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि वासुकिताल, गरूड़ चट्टी, लिंचोली और उनके आस-पास श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से क्या किया जा सकता है, इसका पूरा प्लान तैयार किया जाए।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बदरीनाथ के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को माडल के रूप में विकसित करने के लिए भी योजना बनाई जाए।
  • माणा गांव एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों को रूरल टूररिज्म के लिए विकसित करने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए।
  • इनमें स्थानीय कल्चर एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ईकोनामी का अच्छा माडल बनाया जा सकता है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सेवकों एवं डाक्टरों से भी अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए। सरकारी व्यवस्थाओं के साथ जन सहयोग भी जरूरी है।

तेजी से चल रहा है पुनर्निमाण कार्य : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ और केदारनाथ में पुनर्निमाण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रात-दिन कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2023 तक सभी कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल अभी तक 35 लाख से अधिक पंजीकृत श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आ चुके हैं।

मुख्य सचिव ने द‍िया पुनर्निर्माण कार्यों का प्रस्तुतीकरण

मुख्य सचिव डा. एसएस संधु ने केदारनाथ और बदरीनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में प्रथम चरण के पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। द्वितीय चरण में 188 करोड़ रुपये के 21 कार्य किये जा रहे हैं।

  • इनमें से 3 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, 6 कार्य दिसंबर 2022 तक पूर्ण हो जाएंगे। अवशेष 12 कार्यों को जुलाई 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • गौरीकुंड में गेट का निर्माण किया जा चुका है। संगम घाट का कार्य जून 2023 तक पूर्ण किया जाएगा। ईशानेश्वर टेंपल का कार्य भी एक माह में पूर्ण हो जाएगा।
  • मास्टर प्लान के अनुसार सभी कार्य दिसंबर 2023 तक पूर्ण किए जाएंगे।
  • मुख्य सचिव ने कहा कि बदरीनाथ में भी मास्टर प्लान के अनुसार तेजी से कार्य हो रहे हैं। शीश नेत्र लेक एवं बद्रीश लेक का कार्य 3 माह में पूर्ण हो जाएगा। रिवर डेवलपमेंट प्रोजक्ट का कार्य जून 2023 तक पूर्ण हो जाएगा।

केदार गाथा म्यूजियम का किया जाए निर्माण

सचिव संस्कृति, भारत सरकार गोविंद मोहन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी कि केदारनाथ के लिए संस्कृति मंत्रालय के तहत चार प्रकार के कार्य होने हैं। जो जल्द शुरू किए जाएंगे। सोनप्रयाग में ओरिएंटेशन सेंटर की स्थापना, रामबाड़ा, छोटी लिंचोली, बड़ी लिंचोली एवं चन्नी कैंप में चिंतन स्थल (ध्यान स्थल), केदारनाथ में शिव उद्यान एवं श्री केदारनाथ में श्री केदार गाथा म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा। इन सभी कार्यों की पूरी योजना बनाकर तैयारी कर ली गई है।

इस दौरान मुख्य सचिव डा. एसएससंधु, विशेष कार्याधिकारी पर्यटन विभाग भाष्कर खुल्बे, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे वर्चुअल माध्यम से सचिव संस्कृति भारत सरकार गोविंद मोहन, संयुक्त सचिव भारत सरकार रोहित यादव, उप सचिव भारत सरकार मंगेश घिल्डियाल भी उपस्थित थे।

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Edited By: Sunil Negi

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