जागरण संवाददाता, देहरादून: डाकरा क्षेत्र के वासियों को अब पेयजल किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। यहां नलकूप निर्माण का कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। अगले दस दिन के भीतर इसे जल संस्थान को हैंडओवर कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की घोषणा के क्रम में डाकरा में 172 लाख की लागत से नलकूप निर्माण का कार्य किया जा रहा है। पेयजल निगम ने यह कार्य करीब 95 प्रतिशत पूर्ण कर लिया है। अब 10 दिन में इस नलकूप के माध्यम से गढ़ी-डाकरा क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। गुरुवार को मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कैंट बोर्ड, जलनिगम, विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन नलकूप का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डाकरा में पेयजल की किल्लत के कारण अक्सर लोग परेशान रहते हैं। इसीलिए सीएम ने यहां नलकूप निर्माण की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि जल निगम के अधिकारियों के नलकूप निर्माण के कार्य में लापरवाही बरतने की भी शिकायतें मिलती रही हैं। उन्होंने निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत दी। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार प्रकट कर कहा कि जल्द ही ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए भी वार्ता की जाएगी। विधायक और कैंट सीईओ ने डाकरा स्थित संगम विहार का दौरा भी किया और आमजन से समस्या पूछी। विधायक जोशी ने कैंट बोर्ड को निर्देशित किया कि अगले दस दिन तक संगम विहार में सुबह और शाम पानी के टैंकर भेजकर आपूíत सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर छावनी परिषद देहरादून की मुख्य अधिशासी अधिकारी तनु जैन, जल निगम के अधीक्षण अभियंता एससी पंत, ईई सुमित आनंद, ईई जितेंद्र देव, छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु गुप्ता, राज्यमंत्री टीडी भूटिया, सभासद मेघा भट्ट, भाजपा मंडल महामंत्री बेला गुप्ता, अर्जुन बसौर, प्रभा शाह आदि उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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