यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pathshala of Doordarshan: दूरदर्शन की पाठशाला में पहुंचे 20 फीसद, इन तीन जिलों के छात्रों को सबसे ज्यादा लाभ
Pathshala of Doordarshan उत्तराखंड में दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ाई के प्रयासों को करीब 20 फीसद कामयाबी मिली है। शिक्षा ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना काल में स्कूल बंदी के दौरान दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ाई के प्रयासों को करीब 20 फीसद कामयाबी मिली है। शिक्षा विभाग के इस प्रयास का सबसे ज्यादा फायदा चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के बच्चों ने उठाया। इन जिलों में छठी से 12वीं कक्षा तक 50 फीसद से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया है। प्रदेश में चालू शैक्षिक सत्र 2021-22 में अगस्त माह से ही सरकारी स्कूलों को खोला जा सका है। हालांकि अब भी छात्र-छात्राओं को यह विकल्प दिया गया है कि उन्हें जबरदस्ती स्कूलों में नहीं बुलाया जा सकता है।
सरकार ने दूरदराज के छठी से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए दूरदर्शन से सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे ज्ञानदीप कार्यक्रम प्रसारित किया। इसके तहत कक्षा छह से आठवीं तक तीन एपिसोड और नौवीं से 12वीं तक चार एपिसोड प्रतिदिन प्रसारित किए गए। खास बात ये रही कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी दूरदर्शन के माध्यम से इन कक्षाओं का प्रसारण हुआ।
शिक्षा विभाग ने हाल ही में ज्ञानदीप कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले छात्र-छात्राओं के बारे में जानकारी जुटाई। बताया गया कि ज्ञानदीप से 19.6 फीसद बच्चे लाभान्वित हुए हैं। अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले जिलों में इस कार्यक्रम को लेकर छात्र-छात्राओं ने कम रुचि दिखाई, जबकि दूरदराज में इसका ज्यादा असर देखा गया। चम्पावत जिले में 60.4 फीसद, बागेश्वर जिले में 50.4 फीसद, पिथौरागढ़ में 50.3 फीसद, टिहरी जिले में 29.4 फीसद, नैनीताल जिले में 14.4 फीसद छात्र-छात्राओं ने ज्ञानदीप के माध्यम से पढ़ाई की।
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वहीं अल्मोड़ा जिले में 18.4 फीसद, चमोली में 12 फीसद, देहरादून में 6.4 फीसद, हरिद्वार में 12 फीसद, रुद्रप्रयाग में 9.5 फीसद, ऊधमसिंहनगर में आठ फीसद बच्चे ही लाभ उठा पाए। इसके अतिरिक्त उत्तरकाशी में 10.4 फीसद, पौड़ी में 19.4 फीसद बच्चे लाभान्वित हुए।
