जागरण संवाददाता, देहरादून: एमकेपी पीजी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष दीपाली ठाकुर ने गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दामन थाम लिया। वह चालू शिक्षा सत्र के छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआइ दावेदार के रूप में जीतीं थीं। दीपाली ठाकुर ने एनएसयूआइ छोड़ने की वजह संगठन में उन्हें तवज्जो न मिलना बताया।

दीपाली ने कहा कि उन्होंने छात्र संघ चुनाव जरूर एनएसयूआइ के उम्मीदवार के रूप में जीता, लेकिन वह एनएसयूआइ की प्राथमिक सदस्य नहीं थीं। इसलिए उन्होंने एबीवीपी ज्वाइन करने की जानकारी एनएसयूआइ के किसी बड़े नेता को नहीं दी। बताया कि गुरुवार दोपहर को उन्होंने एबीवीपी कार्यालय में जिला प्रमुख वैशाली कुमार के समक्ष एबीवीपी की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद वह बीजेपी के महानगर कार्यालय में पार्टी के नेता सागर सोनकर से मिलीं। उन्होंने बताया कि वह एमकेपी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगी और अपना कार्यकाल पूरा करेंगी। इस बीच वह एबीवीपी की सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में संगठन की गतिविधियों में प्रतिभाग करती रहेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआइ के संगठन चुनाव चल रहे हैं और उन्हें संगठन के प्राथमिक सदस्य बनने तक की जानकारी नहीं दी गई। एनएसयूआइ की कुछ छात्रा नेता उन्हें उभरते देखना नहीं चाहते हैं, जिससे उन्हें संगठन सदस्य तक बनने नहीं दिया गया। विदित रहे कि वर्ष 2017 के छात्र संघ चुनाव में एमकेपी पीजी कॉलेज में पूरा पैनल एनएसयूआइ का विजयी रहा था, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर तमाम नेताओं ने शुभकामनाएं दी थीं। एनएसयूआइ के जिला अध्यक्ष अजय त्यागी रॉबिन ने कहा कि दीपाली ठाकुर को मनाने की कोशिश की जाएगी।

Posted By: Jagran

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