v style="text-align: justify;">देहरादून, [जेएनएन]: डीएम दरबार में 33 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो पाया। वहीं पिछले डीएम दरबार में दर्ज शिकायतों को लेकर भी प्रशासन सुस्त पड़ा हुआ है। हालांकि जिलाधिकारी हर बार अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निस्तारण करने की बात करते हैं। लेकिन, जन शिकायत शिविर के बाद उन समस्याओं की सुध न अधिकारी लेते हैं और न ही खुद जिलाधिकारी। 

जनता की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने को लेकर हर सोमवार को आयोजित होने वाला जन शिकायत निवारण शिविर महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। अफसरों की लंबी फौज के बावजूद शिविर में फरियादियों का टोटा बना हुआ है। इसके अलावा दर्ज शिकायतें मौके पर निस्तारण होने की बजाय जांच और कार्रवाई के निर्देश तक सीमित हैं। सोमवार को भी शिविर में राजस्व विभाग, नगर निगम, विद्युत, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी शिकायतें दर्ज हुईं। 
इन शिकायतों को लेकर डीएम मुरूगेशन ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनके निस्तारण के आदेश भी दिए। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यालय के मुख्यालय और डिविजन स्तर पर प्राप्त शिकायतों व आवेदनों को प्राप्त करने के लिए पंजिका रखें। हर दिन प्राप्त होने वाली शिकायतों का इसमें पूरा ब्योरा रखा जाए। इसमें प्राप्ति तिथि, निस्तारण का समय और विलंब रहने की स्थिति स्पष्ट की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतें जिनका समाधान उनके स्तर पर हो सकता है उसे तत्काल निस्तारित करें। जो अन्य विभागों से संयुक्त रूप से जुड़ी हो उन मामलों पर स्वयं पहल करते हुए समन्वय से हल कराएं। नीतिगत मामले और शासन स्तर के आवेदनों को उच्च अधिकारियों के स्तर पर शासन को समय से प्रेषित कराएं। शिविर में सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल, सीडीओ जीएस रावत, एडीएम बीर सिंह बुदियाल, समेत अन्य मौजूद रहे। 

Posted By: Raksha Panthari