त्यूणी, जेएनएन। उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर पर मीनस पुल के पास रविवार रात हुई का कार दुर्घटना में लापता कालसी थाने के सिपाही और एक अन्य ग्रामीण का चौबीस घंटे बाद भी पता नहीं चल पाया। सोमवार को पूरे दिन पुलिस व एसडीआरएफ टीम टोंस में सर्च ऑपरेशन चलाती रही लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।

बता दें कि रविवार रात में आसोई से मीनस की ओर जा रहे सिपाही धर्मेंद्र राठी समेत चार लोगों की प्राइवेट कार बॉर्डर क्षेत्र के पास अनियंत्रित होकर करीब तीन सौ मीटर नीचे सीधे टोंस नदी में समा गई थी। हादसे में कार सवार सिपाही धर्मेंद्र राठी और बायला-चकराता निवासी बलबीर सिंह (32) पुत्र नागचंद टोंस नदी के तेज बहाव में लापता हो गए थे। जबकि कार सवार रमेश सिंह निवासी आसोई व हिमाचल निवासी बॉबी ने किसी तरह बड़ी मुश्किल से नदी में तैर कर अपनी जान बचाई। सीओ विकासनगर बीएस धोनी ने बताया कि नदी का बहाव तेज होने की वजह से लापता सिपाही और एक अन्य ग्रामीण का कहीं कोई पता नहीं चल पाया। 

टोंस में उतरी एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों ने घटनास्थल के पास काफी तलाश की पर कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लगा। सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ टीम ने टोंस में समाई कार का पता लगाने को कई जगह कांटे डाले। एक बार कांटे में कार का हिस्सा फंस गया था। लेकिन नदी के तेज बहाव की वजह से कार का पता नहीं चला। कहा कि  एसडीआरएफ की दो टीमें, थाना पुलिस व स्थानीय लोगों का संयुक्त तलाशी अभियान जारी है। टीम में थानाध्यक्ष बीएल भारती, एसओ विपिन बहुगुणा, लोकेंद्र सिंह चौहान, संदीप रावत और एसडीआरएफ का पंद्रह सदस्यीय दल शामिल है।

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Posted By: Sunil Negi

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