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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून: अगर आपने भी नहीं बनवाया डाग लाइसेंस तो देर न करें, 50 पर हो चुकी है कार्रवाई; जान लें पंजीकरण के प्रविधान

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Mon, 29 Nov 2021 10:10 AM (IST)

News For Dog lovers नगर निगम ने को पालतू कुत्ते का लाइसेंस न बनवाने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की और ...और पढ़ें

देहरादून: अगर आपने भी नहीं बनवाया डाग लाइसेंस तो देर न करें, 50 पर हो चुकी है कार्रवाई।
देहरादून: अगर आपने भी नहीं बनवाया डाग लाइसेंस तो देर न करें, 50 पर हो चुकी है कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, देहरादून। पालतू कुत्ते का लाइसेंस न बनवाने वालों पर नगर निगम ने रविवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई की और 50 व्यक्तियों का चालान किया। इसके साथ-साथ अब निगम ने रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी में शिविर लगाकर पालतू कुत्तों का पंजीकरण करना भी शुरू कर दिया है। नगर निगम के वरिष्ठ नगर पशु चिकित्साधिकारी डा. डीसी तिवारी के निर्देशन में रविवार को पैसेफिक हिल सोसाइटी में शिविर लगाकर 18 व्यक्तियों के पालतू कुत्तों का पंजीकरण कर लाइसेंस बनाया गया और 22 व्यक्तियों से आनलाइन आवेदन कराया गया। 

नगर निगम की चेतावनी के बावजूद दूनवासी अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। यही नहीं, जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीकरण कराया था, वह नवीनीकरण कराने नहीं आ रहे। पिछले वर्ष नगर निगम में लगभग 4000 कुत्तों का पंजीकरण हुआ था, जिसमें इस वर्ष अभी तक केवल 800 कुत्तों का पंजीकरण नवीनीकरण कराया गया है। ऐसे में अब निगम ने कुत्ता मालिकों पर जुर्माने की कार्रवाई के लिए चार टीम मैदान में उतार दी हैं। सुबह व शाम को यह टीमें शहरभर में घूमकर पालतू कुत्तों की तलाश करेंगी और पंजीकरण नहीं होने पर संबंधित मालिक का पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये का चालान किया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये का चालान व तीसरी बार मुकदमे की कार्रवाई की तैयारी की गई है।

नगर निगम ने 2014 में पालतू कुत्तों का पंजीकरण शुरू किया था, जिसमें अभी तक महज 65 कुत्तों का ही पंजीकरण हुआ था। बीते एक महीने में निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग ने शहर में सर्वे किया और मौजूदा समय में संख्या 4000 पहुंच गई है। शहर में एक अनुमान के अनुसार पालतू कुत्तों की संख्या 30 हजार के आसपास है। निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. दिनेश चंद्र तिवारी के अनुसार शहर में सुबह-शाम सैर के लिए निकलते हुए लोग अपने साथ गले में चेन-पट्टा डाले हुए पालतू कुत्ते को संग लेकर चलते हैं। ये कुत्ते जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं और दूसरे जन पर गुर्राते हैं। नगर निगम पिछले कुछ दिनों से पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराने को लेकर गंभीर है। निगम में पंजीकरण कराने पर कुत्ते को मालिक को 200 रुपये सालाना शुल्क देना पड़ता है पर यह मामूली शुल्क देने से बचने को मालिक कुत्तों का पंजीकरण नहीं कराते।

पंजीकरण के लिए प्रविधान

-पंजीकरण फार्म के साथ पशु चिकित्सक से रैबीज से बचाने को लगने वाले टीके के लगे होने का प्रमाण-पत्र लाना होगा।

-जीवाणुनाशक का प्रमाण पत्र भी साथ लाना होगा।

-पंजीकरण के बाद नगर निगम संबंधित व्यक्ति को उसके नाम और पते वाला एक टोकन देगा।

-पंजीकरण के लिए 200 रुपये शुल्क जमा होगा।

-पालतू कुत्ते के किसी को काटने पर नुकसान की प्रतिपूर्ति उसके मालिक को करनी पड़ेगी।

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