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NEET UG: सीट छोड़ने पर लगेगा एक साल का बैन, जमा पैसा हो जाएगा जब्त

Published: Wed, 21 Oct 2026 08:39 AM (IST)

नीट-यूजी स्ट्रे वेकेंसी काउंसलिंग में सीट मिलने के बाद प्रवेश न लेने पर अभ्यर्थियों को एक साल के लिए प्रवेश ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. सीट छोड़ने पर एक साल का नीट-यूजी प्रतिबंध।

  2. धरोहर राशि भी होगी जब्त, विश्वविद्यालय के निर्देश।

  3. स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सभी को नए विकल्प भरने होंगे।

जागरण संवाददाता, देहरादून। नीट-यूजी की स्ट्रे वेकेंसी काउंसलिंग में एमबीबीएस या बीडीएस की सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश नहीं लेना अभ्यर्थियों को भारी पड़ सकता है। ऐसे अभ्यर्थियों को एक साल के लिए नीट-यूजी की प्रवेश प्रक्रिया से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। साथ ही धरोहर राशि भी जब्त कर ली जाएगी। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग के अंतिम चरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए स्ट्रे वेकेंसी राउंड चल रहा है। इसके लिए बुधवार शाम पांच बजे तक आनलाइन पंजीकरण, शुल्क भुगतान और के विकल्प भरने का मौका है। सीट आवंटन 22 अक्टूबर को होगा। वहीं, दाखिले की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

अभ्यर्थियों के लिए आज शाम पांच बजे तक आवेदन का मौका

विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पंजीकरण कराने के बाद भी सीट नहीं पाने वाले अभ्यर्थी इस चरण में आवेदन कर सकते हैं। पहले के चरणों में पंजीकरण नहीं कराने वाले पात्र अभ्यर्थियों को भी मौका दिया गया है। हालांकि, केंद्र या राज्य की काउंसलिंग में आवंटित सीट पर प्रवेश ले चुके अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे। तीसरे चरण में सीट आवंटित होने के बावजूद निर्धारित समय में प्रवेश नहीं लेने वाले अभ्यर्थी भी स्ट्रे वेकेंसी राउंड में शामिल नहीं हो सकेंगे।

नए सिरे से भरने होंगे विकल्प

स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सभी पात्र अभ्यर्थियों को नए सिरे से आवेदन कर विकल्प भरने होंगे। पहले के चरणों में भरे गए विकल्प स्वतः निरस्त माने जाएंगे। पंजीकरण शुल्क 4500 रुपये निर्धारित है। पहले पंजीकरण शुल्क और धरोहर राशि जमा कर चुके अभ्यर्थियों को (धरोहर राशि जब्त नहीं होने की स्थिति में) इसे दोबारा जमा नहीं करना होगा।

आरक्षण का लाभ लेने वालों के लिए सलाह

आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के निवास, श्रेणी और उपश्रेणी के प्रमाण पत्र आवेदन की अंतिम तिथि से पहले जारी होने चाहिए। आवंटित कॉलेज में प्रवेश के लिए मूल दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को कॉलेज का विकल्प भरने से पहले फीस, बांड की शर्तों और सीट की मान्यता की जानकारी लेने की सलाह दी है।

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