विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड को नाबार्ड की 30 हजार करोड़ की सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने कहा- पारदर्शिता से हो ऋण वितरण

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Wed, 04 Jan 2023 01:28 PM (IST)

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने स्टेट क्रेडिट सेमीनार 2023-24 में कृषि व एमएसएमई सेक्टर को 30 हजार ...और पढ़ें

कृषि व एमएसएमई सेक्टर को 30 हजार करोड़ की सौगात दी है।
कृषि व एमएसएमई सेक्टर को 30 हजार करोड़ की सौगात दी है।

जागरण संवाददाता, देहरादून : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने स्टेट क्रेडिट सेमीनार 2023-24 में कृषि व एमएसएमई सेक्टर को 30 हजार करोड़ की सौगात दी है।

नाबार्ड ने वर्ष 2023-24 के लिए 30301 करोड़ की ऋण संभाव्यता का आकलन किया है। जोकि बीते वर्ष की तुलना में 6.22 प्रतिशत अधिक है।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को ऋण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए व्यवस्था की निगरानी सही ठंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण व्यवस्था ऐसी हो जिसमें जरूरतमंदों को ऋण लेने में कोई परेशानी न हो।

स्टेट फोकस पेपर 2023-24 का विमोचन किया

मंगलवार को सुभाष रोड स्थित होटल पैसेफिक में नाबार्ड की ओर से आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमीनार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी व सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत ने नाबार्ड की ओर से तैयार किए गए स्टेट फोकस पेपर 2023-24 का विमोचन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाबार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड में कृषि, बागवानी व एमएसएमई के उद्योगों के विकास के लिए इस वर्ष करीब तीस हजार करोड़ रुपये से अधिक की ऋण योजना तैयार की है।

यह हमारे किसानों, बागवानी तथा छोटे-छोटे उद्योगों में लगे व्यक्तियों की आजीविका बढ़ाने में कारगर साबित होगा। कहा कि ऋण को जरूरतमंद और योग्य लोग तक सरलता से पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका बैंकों की है।

बैंकों को ध्यान देना होगा कि जरूरतमंद और योग्य लोग को ऋण संबंधित औपचारिकताओं के लिए अनावश्यक न भटकना पड़े। इसके लिए बैंकों को मिशन मोड पर काम करना होगा । नाबार्ड की इस ऋण योजना के आवंटन के लिए प्रत्येक बैंक ब्रांच को एक निश्चित टारगेट के साथ काम करना होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक लता विश्वनाथ ने कहा कि नाबार्ड ने स्टेट फोकस पेपर को अथक मेहनत से तैयार किया है, जो योजनाएं प्रस्तुत की है उन पर कार्यान्वयन करने की जिम्मेदारी अब सभी बैंकों की है।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी, सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, नाबार्ड के प्रभारी अधिकारी डा. सुमन कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।