राज्य ब्यूरो, देहरादून

गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि गढ़वाल के प्रवेशद्वार कोटद्वार स्थित महर्षि कण्व की तपस्थली और भारत के नामदेय चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय समिति की दो दिवसीय बैठक में पर्यटन, पुरातत्व व संस्कृति की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट से सबंधित मुददों पर चर्चा के दौरान यह बात रखी।

सांसद रावत ने देवप्रयाग स्थित गंगा संगम को विकसित करने और केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत प्रदेश के नए पर्यटक स्थलों के विकास के लिए और अधिक वित्तीय सहायता देने पर जोर दिया। उन्होंने टिहरी झील को साहसिक पर्यटन के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था के प्रविधान को समिति के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि सभी बिंदुओं को समिति की बैठक में स्वीकारते हुए इन्हें कार्यवाही में रखने की बात कही गई।

Posted By: Jagran

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