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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Monsoon 2022 : बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में दूसरे दिन भी बंद, आज भी ज्यादातर क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान

By Nirmala BohraEdited By:
Published: Fri, 01 Jul 2022 07:44 AM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 10:31 AM (IST)

Monsoon 2022 मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आज देहरादून नैनीताल उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग चमोली बागेश्वर और पिथौरागढ़ ...और पढ़ें

Monsoon 2022 : प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक मार्ग अवरुद्ध
Monsoon 2022 : प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक मार्ग अवरुद्ध

जागरण संवाददाता, देहरादून : Monsoon 2022 : मानसून की दस्तक के चंद घंटे के भीतर ही भूस्खलन समेत अन्य कारणों से प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक मार्ग अवरुद्ध हो गए।

शुक्रवार को देहरादून में सुबह हल्‍की बूंदाबांदी हुई। उत्तराखंड में बीती रात से हो रही वर्षा से रुद्रप्रयाग के सिरोबगड़ में बदरीनाथ राजमार्ग मलबा आने से अवरुद्ध है। बदरीनाथ राजमार्ग सुबह चमोली के लामबगड़ में मलबा आने से दो घंटे बंद रहा। यहां सात बजे मार्ग खुला। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से बदरीनाथ धाम भेजा जा रहा है। चमोली में गुरुवार रात से हो रही बारिश थमी हुई है। रुद्रप्रयाग जिले में बारिश थमी हुई है।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। जिला मुख्यालय में वर्षा के आसार बने हुए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू है। भटवाड़ी सहित यमुनोत्री, जानकी चट्टी और मोरी क्षेत्र में हल्की वर्षा हो रही है। गंगोत्री धाम में हल्के बादल छाए हुए हैं।

ज्यादातर क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। इसको देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आज देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। जबकि, अन्य क्षेत्रों में गरज के साथ तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना है।

पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर दो यात्रियों की मौत

वहीं उत्तराखंड में गुरुवार को भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित रहा। पहाड़ी से पत्थर, मलबा और आकाशीय बिजली गिरने से दो तीर्थयात्रियों समेत तीन की मौत हो गई। उत्तरकाशी में भटवाड़ी में यात्रा पर आए आंध्र प्रदेश के यात्री बी बालाजी की पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड हाईवे पर मुनकटिया के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर व मलबे में चपेट में आकर राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी यात्री जयंती लाल खेतरा की मौत हो गई, जबकि गुजरात के तीन यात्री घायल हो गए।

बागेश्वर में आकाशीय बिजली गिरने से शिखर मूल नारायण मंदिर के दर्शन को जा रहे ऊधमसिंहनगर के पंतनगर निवासी युवक हेमंत राठौर की मौत हो गई। रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ राजमार्ग सिरोबगड़ में दिनभर बाधित रहा। यात्री वैकल्पिक मार्ग के जरिए बदरीनाथ धाम पहुंचे। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे पर दोपहर ढ़ाई बजे मलबा आ गया और चार घंटे बाद मार्ग खोला जा सका।

पिथौरागढ़ में मलबा आने से चीन सीमा को जोडऩे वाले तवाघाट-लिपुलेख समेत तीनों मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। चीन सीमा से संपर्क कट गया है। आदि कैलास यात्रियों के दल को मौसम को देखते हुए पिथौरागढ़ के धारचूला में ही रोका गया है। राज्य में 80 से अधिक मार्ग मलबे से बंद हैं। कुमाऊं मंडल में काली, गोरी, रामगंगा, सरयू, शारदा नदियों का जलस्तर बढऩे से अलर्ट जारी किया गया है।

नदियों के जलस्तर में वृद्धि, पुलिस अलर्ट

ऋषिकेश में गंगा और उसकी सहायक नदियों में वर्षा के कारण जलस्तर में आंशिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। गंगा के तटीय इलाकों में पुलिस सतर्कता बरतने के लिए मुनादी करा रही है। गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्र में बीते रोज से वर्षा शुरू हो गई है। मौसम विभाग की ओर से तीन दिन भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय क्षेत्र में वर्षा से गंगा और उसकी सहायक नदियों पानी बढऩे लगा है। ऋषिकेश में गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। यहां गंगा आरती स्थल की सीढिय़ों तक पहुंच गई है। गंगा का जलस्तर यहां चेतावनी रेखा से करीब डेढ़ मीटर नीचे है। स्थानीय पुलिस अपने स्तर पर सतर्कता बरत रही है।

रायवाला में भी वर्षा के बाद नदी नालों में उफान का खतरा बढ़ गया है। इसको देखते हुए रायवाला पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने बाढ़ के खतरे वाले साहबनगर, गौहरीमाफी व हरिपुरकलां में वाहन लाउडस्पीकर के जरिये संदेश प्रसारित किया हैं और सावधानी बरतने को कहा है। पुलिस ने आम जनता को नदी नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के बाद सावधानी बरती जा रही है। नदी नालों के किनारे रहने वाले लोग को सचेत किया गया है कि वह नदी-नालों का रुख न करें। ऐसा करने से कोई भी अनहोनी हो सकती है। रायवाला क्षेत्र में सौंग नदी से साहबनगर, गौहरीमाफी, ठाकुरपुर तथा बरसाती नाले से हरिपुरकलां में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है। हालांकि अभी नदियों का जलस्तर मामूली रूप से बढ़ा है।

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