राज्य ब्यूरो, देहरादून। रायपुर क्षेत्र से विधायक उमेश शर्मा काऊ ने शनिवार को कहा कि उन्होंने पूर्व मंत्री डा हरक सिंह रावत को समझाने की हरसंभव कोशिश की। काऊ ने कहा कि हरक प्रकरण अब इतिहास बन चुका है। उनका दल अलग है और विचारधारा भी बदल गई है। वह जहां भी रहें, उनका भविष्य उज्ज्वल हो।

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत हों या फिर पूर्व मंत्री यशपाल आर्य, वे जब भी नाराजगी के मोड में दिखे, तब विधायक काऊ ने बीचबचाव का रास्ता निकालने का प्रयास किया। यद्यपि, उस दौरान ये भी समझा गया कि काऊ भी दल बदलेंगे, लेकिन फिर ये बात निकलकर आई कि वे पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका निभा रहे थे। 16 जनवरी को जब भाजपा ने हरक सिंह रावत को पार्टी व सरकार से बर्खास्त किया, उस दिन काऊ भी हरक के साथ देहरादून से दिल्ली गए थे।

शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी का सिंबल लेने आए विधायक काऊ से जब पत्रकारों ने हरक प्रकरण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि यह अब इतिहास बन चुका है। हरक सिंह का दल अलग है और विचारधारा भी बदल गई है। काऊ के अनुसार 16 जनवरी की शाम को देहरादून से दिल्ली जाते वक्त उन्होंने हरक सिंह रावत को समझाने के लिए जितना हो सकता था, किया। ये उनका दिल और ईश्वर जानता है। काऊ के अनुसार देर होने के कारण दिल्ली पहुंचकर हरक अपने घर ग्रीन पार्क चले गए, जबकि वह उत्तराखंड सदन आ गए। तब हरक की बर्खास्तगी की खबरें आईं।

एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हरक सिंह का कांग्रेस में शामिल होने निर्णय सही है या गलत, ये जनता बताएगी। इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। यह पूछे जाने पर कि यदि हरक रायपुर सीट से चुनाव लड़ते हैं तो, काऊ ने कहा कि कई बार एक ही परिवार के लोग आपस में लड़ते हैं। हरक आते हैं तो रायपुर में मुकाबला देखने लायक होगा।

Edited By: Sunil Negi