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लक्ष्मणझूला नए मोटर पुल को मिली सीआरएफ से मंजूरी

जागरण संवाददाता ऋषिकेश लक्ष्मणझूला में तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित

By JagranEdited By: Published: Mon, 02 Aug 2021 06:03 AM (IST)Updated: Mon, 02 Aug 2021 06:03 AM (IST)
लक्ष्मणझूला नए मोटर पुल को मिली सीआरएफ से मंजूरी

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: लक्ष्मणझूला में तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित नए मोटर झूला पुल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सेंट्रल रोड फंड से इस पुल का निर्माण होगा। एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोटर पुल का काम शुरू होने की उम्मीद है।

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अपनी आयु पूरी कर चुके लक्ष्मणझूला पुल को शासन ने लोनिवि की रिपोर्ट के आधार पर 12 जुलाई 2019 को बंद कर दिया था। इस पुल पर दोनों और गेट लगा दिए गए थे। पहले यहां प्रस्तावित नए झूला पुल को सिर्फ पैदल पुल बनाने की तैयारी थी। लेकिन, सरकार की ओर से गहन मंथन के बाद इसे हल्का वाहन मोटर पुल बनाने का निर्णय लिया गया। लक्ष्मणझूला- स्वर्गाश्रम क्षेत्र में जाने के लिए अब तक गरुड़चट्टी पुल और बैराज का रास्ता अपनाया जाता था। लेकिन, भविष्य में लोग लक्ष्मणझूला पुल पर हल्के वाहनों से आवाजाही कर सकेंगे।

पुल के दोनों द्वार पर केदारनाथ का माडल

लक्ष्मणझूला पुल के दोनों प्रवेश द्वार केदारनाथ मंदिर की आकृति वाले होंगे। 123 मीटर लंबाई और आठ मीटर चौड़ाई वाले पुल के मध्य में डिवाइडर बनेगा। जिससे आना और जाना पृथक-पृथक हो सके। इससे पुल पर जाम भी नहीं लगेगा। पुल के दोनों किनारे डेढ़-डेढ़ मीटर के होंगे और बीच का हिस्सा पांच मीटर का। डेढ़ मीटर के हिस्से 65 एमएम मोटे कांच की होंगे। इस कांच से लोग गंगा दर्शन भी कर पाएंगे। अब रास्ते में दम नहीं तोड़ेंगे लोग

अब तक गरुड़चट्टी से लेकर बैराज पुल के बीच कोई हल्का वाहन पुल नहीं है। जबकि, गंगा पार यमकेश्वर प्रखंड के लोग चिकित्सा सुविधा को लेकर पूरी तरह ऋषिकेश पर निर्भर हैं। सफर लंबा होने के कारण कई बार बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। लक्ष्मणझूला हल्का वाहन पुल बन जाने से ऋषिकेश की दूरी काफी घट जाएगी। यानी चिकित्सा सुविधा के लिहाज से यह पुल संजीवनी साबित होगा। पिछले दो वर्ष से पुल के निर्माण की कवायद जारी थी। डीपीआर तैयार करके इसे मंजूरी के लिए सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) को भेजा गया था। करीब 69 करोड़ की लागत वाले इस पुल के निर्माण को सीआरएफ से मंजूरी मिल गई है। एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

- मोहम्मद आरिफ खान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नरेंद्र नगर खंड


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