देहरादून, [जेएनएन]: इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण शनिवार को होगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। लेकिन, इस दिन शनि अमावस्या भी है, जो इस ग्रहण को विशेष बना रही है। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण दोपहर एक बजकर 32 मिनट पर शुरू होकर पांच बजकर एक मिनट पर समाप्त होगा।

ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि सूर्यग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा। ग्रहण के दौरान खाने, पानी और दूध में तुलसी के पत्ते और गंगाजल डालकर उसका सेवन करें। सूतक काल के दौरान भोजन और सोना वर्जित है। ग्रहण के बाद मंदिर और घर में गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। धूप-दीप कर भगवान का भोग लगाएं। दान-पुण्य करना भी शुभ है।

शनि अमावस्या में करें विशेष उपाय

विशेष संयोग के साथ इस बार सूर्य ग्रहण के साथ ही शनि अमावस्या भी पड़ रही है। इसके अलावा इस दिन हरियाली अमावस्या का त्योहार भी है। शास्त्रों में शनि अमावस्या का विशेष प्रभाव पड़ता है। जिसकी कुंडली में शनि की अशुभ छाया और पितृ दोष होता है, इस दिन उपाय करने से उसका दोष कम हो जाता है। ज्योतिषाचार्य पीपीएस राणा के मुताबिक इस दिन शनि के बीजमंत्रों का जाप करें। पितृ दोष दूर करने के लिए उड़द की दाल और काले तिल के तेल का दान करना चाहिए। शनि दोष से मुक्त होने के लिए जूते-चप्पल का दान और शमी के पेड़ की पूजा भी की जाती है।

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By Sunil Negi