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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus test Fraud: कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़े में पंत दंपती गिरफ्तार, दिल्ली में डेरा डाले हुए थी एसआइटी

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Mon, 08 Nov 2021 09:42 AM (IST)

कोरोना जांच घोटाले में आखिरकार मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के पार्टनर शरत पंत और उसकी पत्नी मलिका पंत को गिरफ्तार कर ...और पढ़ें

कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़े में पंत दंपति गिरफ्तार, दिल्ली में डेरा डाले हुए थी एसआइटी।
कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़े में पंत दंपति गिरफ्तार, दिल्ली में डेरा डाले हुए थी एसआइटी।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Kumbh Coronavirus test Fraud कुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग में हुए फर्जीवाड़े के आरोपित दंपती शरत पंत और मल्लिका पंत को एसआइटी ने गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने दोनों को नोएडा के सेक्टर 49 में उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया। हरिद्वार सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। इससे पहले कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने और कुर्की के लिए मुनादी की कार्रवाई होने के बाद भी दंपती एसआइटी की पकड़ से बाहर थे। डीआइजी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मुकदमे में नामजद नलवा लैब के मालिक नवतेज नलवा की तलाश भी की जा रही है। जल्द ही, नलवा सहित अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

फर्जी टेस्टिंग कर बनाया चार करोड़ का बिल

डीआइजी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मैक्स कारपोरेट सर्विसेज ने पहले धोखे से टेंडर लिया और फिर फर्जी कोविड टेस्टिंग के आंकड़े तैयार किए। फर्म ने कुल 1.24 लाख लोगों की टेस्टिंग का दावा करते हुए 354 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से चार करोड़ से अधिक के बिल बनाकर भुगतान के लिए लगाए। इनमें 15.41 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका था।

17 जून को दर्ज हुआ था मुकदमा

कोरोना टेस्टिंग में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर हरिद्वार के तत्कालीन सीएमओ डा. शंभू कुमार झा ने 17 जून 2021 को हरिद्वार शहर कोतवाली में मैक्स कारपोरेट सर्विसेज दिल्ली, नलवा लैबोरेट्रीज हिसार व लाल चंदानी लैब दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि मैक्स ने नलवा और लाल चंदानी लैब से अनुबंध के आधार पर ठेका लिया और भिवानी की डेल्फिया लैब के संचालक आशीष वशिष्ठ के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। एसआइटी 21 जुलाई को आशीष वशिष्ठ को गिरफ्तार कर चुकी है। पंत दंपती की गिरफ्तारी के बाद अभी तक इस मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।

पांच आरोपित एसआइटी के राडार पर

पंत दंपती के साथ ही नवतेज नलवा की गिरफ्तारी के लिए भी एसआइटी ने पहले गैर जमानती वारंट और फिर कुर्की के लिए मुनादी की कार्रवाई कराई थी। नलवा फिलहाल भी एसआइटी की पकड़ से बाहर है। वहीं, डीआइजी डा. योगेंद्र रावत ने बताया कि पांच आरोपितों के खिलाफ एसआइटी को ठोस साक्ष्य मिले हैं, जल्द ही उन सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।

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