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'मरते दम तक नहीं डूबने देंगे क्वानू', देहरादून में किशाऊ बांध के प्रस्तावित स्थल और ऊंचाई के खिलाफ ग्रामीणों की महापंचायत

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:15 AM (IST)

क्वानू में ग्रामीणों ने किशाऊ बांध के प्रस्तावित स्थल और ऊंचाई का विरोध किया है। उनकी मांग है कि बांध ...और पढ़ें

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HighLights

  1. क्वानू में किशाऊ बांध के स्थल और ऊंचाई का विरोध।

  2. ग्रामीणों की मांग, बांध मीनस की तरफ बनाया जाए।

  3. उपजाऊ जमीन और भूकंपीय क्षेत्र पर जताई चिंता।

संवाद सूत्र, साहिया। क्वानू में जौनसार-बावर और हिमाचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे किशाऊ बांध निर्माण का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि बांध की ऊंचाई और स्थान के खिलाफ हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बांध को वर्तमान प्रस्तावित स्थल से आगे मीनस की तरफ बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मरते दम तक क्वानू को नहीं डूबने देंगे। महापंचायत में बांध की ऊंचाई और स्थान को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया।

इससे पहले ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था। किशाऊ बांध संघर्ष जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रताप राजा ने कहा कि प्रस्तावित स्थल पर बांध बनने से उनकी पुश्तैनी, उपजाऊ और समतल जमीन हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। संघर्ष समिति के संरक्षक मुन्ना सिंह राणा ने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में बांध बनाया जा रहा है, वह भूकंपीय जोन में आता है।

उन्होंने कहा कि सर्वे और मिट्टी की जांच कहीं और की गई थी, जबकि रिपोर्ट बांध स्थल के नाम पर दिखाई गई है। रुद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि क्वानू-जौनसार बावर का सबसे उपजाऊ और सुंदर स्थल है। इसके डूबने से यहां की सुंदरता समाप्त हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार इस पर पुनर्विचार करे और परियोजना को गांव से आठ किलोमीटर आगे मयार खड्ड में शुरू करे।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिन्होंने कहा कि जब बांध निर्माण के लिए पिलर लगाए गए थे, तब से उन्होंने इसका विरोध किया है। इस मौके पर स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बाबी पंवार, रुद्र सेना उपाध्यक्ष नरेंद्र राणा, सचिन नरेश राय, कोषाध्यक्ष बलवीर सिंह, गंभीर सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य प्रवीन रावत आदि मौजूद रहे।

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