देहरादून, [जेएनएन]: चारधाम यात्रा के लिए निकलो तक दिल का विशेष ध्यान रखें। कमजोर दिल वालों को यात्रा से परहेज बरतने में ही समझदारी है। कारण यह है कि यात्रा मार्ग पर हृदय रोग से सर्वाधिक मौतें होती हैं। इस साल भी यह सिलसिला थमा नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु अपनी सेहत और खासतौर पर दिल का ख्याल रखें, ताकि यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके। 

चारधाम यात्रा रूट के अधिक ऊंचाई पर होने के कारण खासतौर पर विभिन्न रोगों से ग्रसित मरीजों की तबीयत बिगड़ने की आशंका बनी रहती है। कारण यह भी है कि अधिक ऊंचाई पर आक्सीजन की कमी हो जाती है। लिहाजा, जरूरी है कि यात्रा करने से पहले तमाम एहतियाती कदम उठा लिए जाएं। 

वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केबी जोशी के अनुसार, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। हृदय रोगियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लिहाजा, यात्रियों को सबसे पहले डॉक्टर से अपना चिकित्सकीय परीक्षण करवाना चाहिए। 

उन्होंने बताया कि कई दफा व्यक्ति को यह आभास भी नहीं होता कि उसे हृदय संबंधी तकलीफ है। अत्याधिक धूमपान करने वाले, ज्यादा वजन वाले, बीपी व शुगर के मरीज और किसी के परिवार में कोई हृदय रोग से पीडि़त रहा है तो वह जांच अवश्य करा लें। उनका कहना है कि यात्रा पर निकलने से पहले व्यक्ति की बीपी, शुगर, कॉलेस्ट्रोल व टीएमटी जांच करानी ही चाहिए। यदि तकलीफ है तो यात्रा पर नहीं जाना चाहिए। 

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश सुंद्रियाल का कहना है कि अगर चढ़ाई चढऩे में दिक्कत आए, तो जबरन आगे बढऩे की कोशिश न करें और हो सके तो यात्रा स्थगित कर दें। किसी भी तरह का रिस्क जीवन पर भारी पड़ सकता है। इस दौरान दवाओं की इमरजेंसी किट भी साथ ले जाएं। शुगर, सीने में दर्द, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर की शिकायत वाले लोग दवाएं साथ ले जाना न भूलें।

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By Bhanu