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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kedarnath Helicopter Crash: हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश, राज्य में बनेगी सख्त एसओपी

Published: Sun, 15 Jun 2025 09:44 AM (IST)

Kedarnath Helicopter Crash केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी ...और पढ़ें

Kedarnath Helicopter Crash: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। जागरण आर्काइव
Kedarnath Helicopter Crash: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी
  2. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जारी किए निर्देश

राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून। Kedarnath Helicopter Crash: राज्य में हाल में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जाए, जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली संचालन की सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य में पूर्व में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति पूर्व में हुई हेली दुर्घटनाओं के साथ ही आज के हेली क्रेश की भी हर पहलू की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। यह समिति प्रत्येक घटना के कारणों की गहराई से जांच करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हेली सेवाओं का महत्व तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यधिक है, इसलिए इनमें सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।