Move to Jagran APP

Kathua Terror Attack: होली पर घर आए थे बलिदानी आनंद, क्‍या पता था? पत्‍नी को जिंंदगी भर का गम दे जाएगी पति की आखिरी रील!

Kathua Terror Attack बलिदानी नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत होली से पहले वह एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे। गांव से लौटते समय उनकी पत्नी ने एक छोटी सी वीडियो बनाई थी जिसे उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया। मंगलवार को जैसे ही उनके बलिदान होने की खबर आई तो उनकी पत्नी विजया रावत के इंस्टाग्राम पर अपलोड यह मार्मिक रील तेजी से प्रसारित होने लगी।

By Sukant mamgain Edited By: Nirmala Bohra Wed, 10 Jul 2024 09:16 AM (IST)
Kathua Terror Attack: नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत की अपनी पत्‍नी विजया रावत के साथ, फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून। Kathua Terror Attack: भविष्य के गर्भ में क्या है, यह कोई नहीं जानता है। मगर, कभी-कभी परिस्थितियां इसका एहसास जरूर करा देती हैं। 22वीं गढ़वाल राइफल्स के नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत की वीरांगना विजया रावत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है।

बलिदानी नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत होली से पहले वह एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे। इस दौरान वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव कांडाखाल (रुद्रप्रयाग) भी गए थे। गांव से लौटते समय उनकी पत्नी ने एक छोटी सी वीडियो बनाई थी, जिसे उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया।

इस वीडियो में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का जो गीत लगाया गया है, वह हर किसी को झकझोर देने वाला है। दरअसल, विजया रावत ने अपने इस वीडियो के साथ गढ़वाली गीत दगडिय़ा भोल कख तू कख मी, आखिर फेर भेंटी जा आज’ लगाया हुआ है। इस गीत का तात्पर्य है कि साथी कल कहां आप रहोगे और कहां मैं, इसलिए आज आखिरी मुलाकात कर लो।

लगता है कि नियति को यही मंजूर था। घर से वापस अपनी यूनिट में लौटने और बलिदान होने से पहले की नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत का यह अंतिम वीडियो साबित हुआ। मंगलवार को जैसे ही उनके बलिदान होने की खबर आई तो उनकी पत्नी विजया रावत के इंस्टाग्राम पर अपलोड यह मार्मिक रील तेजी से प्रसारित होने लगी। वीडियो को देख हर कोई भावुक हो रहा है।

पति के बलिदान की खबर सुनकर बेहोश हुई विजया

रुद्रप्रयाग के कांडाखाल गांव निवासी बलिदानी नायब सुबेदार आनंद सिंह रावत के का परिवार देहरादून के गुजरोंवाली कृष्णा विहार-शिवलोक कालोनी में रहता है। हालांकि बड़े भाई और मां गांव में ही रहती है। देहरादून में उनकी पत्नी विजया रावत और दो बच्चे रहते हैं। यहां पर उन्होंने तीन साल पहले ही घर बनाया था।

पति के बलिदान होने की खबर मिलने के बाद विजया रावत और उनके दोनों बेटे मंगलवार सुबह को देहरादून से पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। देहरादून में रह रहे उनकी पड़ोसी गीता बिष्ट ने बताया कि सोमवार रात विजया को पति के घायल होने की बात कही गई थी। उनके बलिदान होने की बात नहीं बताई गई।

अलसुबह चार बजे के करीब जब उनके भाई के पहुंचने पर विजया रावत को बता दिया कि उनके पति बलिदान हो गए हैं। इस अनहोनी की खबर मिलते ही वह बेसुध हो गई। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें सांत्वना दी। सुबह आठ बजे के करीब वह अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।

बलिदानी आनंद होली से पहले एक महीने की छुट्टी पर आए थे। उनके दोनों बच्चे ग्लेशियर पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उनकी पड़ोसी गीता ने बताया कि वह बहुत ही सज्जन, मिलनसार व्यक्ति थे। यकीन ही नहीं हो पा रहा है कि ऐसा कुछ हुआ है।