हाथों में मेहंदी और सोलह शृंगार के साथ होगा चंद्रमा का इंतजार, नोट करें पूजा का मुहूर्त और चांद निकलने का टाइम
देहरादून में करवा चौथ की धूम, सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए निर्जल व्रत रखेंगी। शाम 5:33 से 6:51 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, देहरादून। हाथों में मेहंदी, सोलह शृंगार की तैयारी और शाम को चांद निकलने का इंतजार। सुहागिनों के पर्व करवा चौथ पर आज शहर में कुछ ऐसा ही माहौल रहेगा।
पति की दीर्घायु और सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखेंगी। शाम को करवा माता की पूजा और कथा के बाद निगाहें चंद्रमा पर टिकेंगी। दून में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:33 बजे से 6:51 बजे तक रहेगा। वहीं, चंद्रोदय रात 8:08 बजे होने का अनुमान है।
करवा चौथ की तैयारियों ने बाजारों में भी त्योहार की रौनक बढ़ा दी है। पलटन बाजार, झंडा बाजार, धामावाला सहित प्रमुख बाजारों में पूजन सामग्री, चूड़ियों, साड़ियों और सौंदर्य प्रसाधनों की सभी दुकानों पर महिलाओं की आवाजाही बनी रही। करवा, पूजा की थाली, छलनी व दीपक के साथ सरगी के लिए मिठाई, फेनी, मठरी, फल और सूखे मेवे भी खरीदारी की सूची में शामिल हैं। त्योहार के लिए खास परिधान चुनने से लेकर शृंगार से जुड़ा सामान जुटाने तक महिलाएं तैयारियों में व्यस्त रहीं।
मेहंदी के डिजाइनों से सजे हाथ
करवा चौथ पर मेहंदी लगवाना महिलाओं की तैयारियों का अहम हिस्सा है। पारंपरिक डिजाइनों के साथ बारीक और आधुनिक कलाकृतियों वाली मेहंदी की मांग रहती है। बाजारों में मेहंदी कलाकारों के पास पहुंचने वाली महिलाओं के साथ ब्यूटी पार्लरों में भी सजने-संवरने की तैयारियां चरम पर रहीं। कई महिलाएं त्योहार के दिन इंतजार से बचने के लिए पहले ही समय तय लिया। चूड़ी और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भी खरीदारी का उत्साह नजर आया।
चांद के दीदार के साथ पूरा होगा व्रत
करवा चौथ पर सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। व्रत कथा सुनने के बाद महिलाएं चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा करती हैं। चांद दिखाई देने पर अर्घ्य देकर उसकी पूजा की जाती है। इसके बाद छलनी से चंद्रमा और पति के दर्शन कर पति के हाथों जल ग्रहण करने के साथ व्रत खोला जाता है।
