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उत्तराखंड के इस आईएफएस को मिला ईको वॉरियर अवॉर्ड, हेंवल नदी को किया पुनर्जीवित

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:56 AM (GMT+05:30)

आईएफएस धर्म सिंह मीणा को हेंवल नदी पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'ईको वारियर अवार्ड-2026' से सम्मानित किया गया है।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड कैडर के 2009 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी धर्म सिंह मीणा को पर्यावरण संरक्षण और हेंवल नदी पुनर्जीवन में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ईको वारियर अवार्ड-2026’ से नवाजा गया है।

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में महानिदेशक वन सुशील अवस्थी समेत भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 हेंवल नदी को पुनर्जीवन देने की विशेष पहल

भागीरथी वृत्त के वन संरक्षक मीणा ने नरेेंद्रनगर वन प्रभाग में हेंवल नदी को पुनर्जीवन देने को विशेष पहल की। उन्होंने नदी को केवल जलधारा न मानकर उसके जलागम, जंगल, स्प्रिंग, स्ट्रीम और रिचार्ज जोन को एकीकृत तंत्र के रूप में विकसित करने का माडल अपनाया। इसमें वैज्ञानिक स्प्रिंगशेड व वाटरशेड प्रबंधन, वन पुनर्स्थापन, जल संरक्षण और जनभागीदारी को जोड़ा गया।

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परियोजना के तहत 126 स्प्रिंग, 28 स्ट्रीम और 16 रिचार्ज जोन में कार्य किए गए। 1,58,572 जल संरक्षण एवं जल-संग्रहण संरचनाएं बनाई गईं और 20.62 लाख पौधे लगाए गए। इससे अनुमानित 438.66 मिलियन लीटर भूजल पुनर्भरण की क्षमता विकसित हुई। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलाजी और आइआइटी रुड़की के सहयोग से जल प्रवाह, हाइड्रोग्राफ और हाइड्रोलाजिकल आकलन किए गए।

परियोजना में ग्रामीणों, महिलाओं और वन पंचायतों को जलस्रोत संरक्षण, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया। हेंवल माडल में जल संरक्षण को कृषि, जैव विविधता और इको-टूरिज्म से जोड़ने का भी प्रयास हुआ।

आईएफएस मीणा ने उन्हें मिले अवार्ड को सरकार, अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयास का सम्मान बताया। इससे पहले उनके हेंवल क्षेत्र के कार्यों को जलशक्ति मंत्रालय की जल चर्चा में वाटर वारियर के रूप में भी रेखांकित किया जा चुका है।