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उत्तराखंड में हर साल 12000 लोग मुंह और गले का कैंसर के शिकार, 36 प्रतिशत महिलाएं भी शामिल

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:17 PM (IST)

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के शोध के अनुसार, उत्तराखंड में मुंह और गले के कैंसर के मामलों में धूम्रपान और धूम्ररहित तंबाकू की अहम भूमिका है।

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अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। उत्तराखंड में पुरुषों के मुंह के कैंसर के 49.02 प्रतिशत मामलों में धूम्ररहित तंबाकू की भूमिका है। महिलाओं में यह आंकडा 36.12 प्रतिशत है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के इंडियन जर्नल आफ मेडिकल रिसर्च में आठ अक्टूबर, 2026 को आनलाइन प्रकाशित शोध में यह सामने आया है। अध्ययन में तंबाकू सेवन और कैंसर के बीच संबंध का विश्लेषण किया गया है।

हर साल कुल 12000 हजार

शोध के अनुसार, उत्तराखंड में हर साल कुल 12000 हजार कैंसर के मामले सामने आते हैं। उत्तराखंड में पुरुषों के होंठ के कैंसर के 53.68 प्रतिशत और जीभ के कैंसर के 24.10 प्रतिशत मामलों में धूम्ररहित तंबाकू की भूमिका होने का अनुमान है। महिलाओं में होंठ के कैंसर के लिए यह अनुमान 36.94 प्रतिशत और जीभ के कैंसर के लिए 6.91 प्रतिशत है।

महिलाओं में भी दिखा तंबाकू से जुड़ा जोखिम

अध्ययन में धूम्ररहित तंबाकू के सेवन और मुंह के कैंसर के बीच महत्वपूर्ण संबंध पाया गया। देशभर के अध्ययन में शामिल मरीजों के विश्लेषण के अनुसार, धूम्ररहित तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों में मुंह के कैंसर की ऑड्स, सेवन नहीं करने वालों की तुलना में लगभग 5.5 गुना थी। महिलाओं में यह अनुपात लगभग 17.6 गुना पाया गया। ये राष्ट्रीय स्तर के अस्पताल-आधारित विश्लेषण के परिणाम हैं, उत्तराखंड के मरीजों के अलग जोखिम अनुपात नहीं।

अस्पताल के आंकड़ों पर आधारित शोध

शोध जनवरी से सितंबर, 2025 के दौरान किया गया। इसमें वर्ष 2019 से वर्ष 2024 के बीच दर्ज सिर एवं गर्दन के कैंसर के 11,285 मरीजों और गैर-कैंसर स्थितियों वाले 7,154 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने कैंसर से जुड़े जोखिम का आकलन करने के बाद राज्यों में तंबाकू सेवन की व्यापकता के आधार पर अनुमान निकला है।

गले के कैंसर का भी बड़ा खतरा

उत्तराखंड में तंबाकू के सेवन से केवल मुंह ही नहीं, गले और स्वरयंत्र के कैंसर का खतरा भी गंभीर है। एक राष्ट्रीय अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि राज्य में महिलाओं में हाइपोफैरिंक्स यानी गले के निचले हिस्से के कैंसर के 68.69 प्रतिशत मामलों का संबंध धूमपान से हो सकता है।

पुरुषों में इस कैंसर के लिए धूमपान से संबद्ध अनुमान 56.93 प्रतिशत है। अध्ययन में तंबाकू के सेवन के स्वरूप के आधार पर सिर और गर्दन के विभिन्न कैंसरों में उसके संभावित योगदान का आकलन किया गया है।

अध्ययन के अनुसार, उत्तराखंड में महिलाओं में बेस आफ टंग, टांसिल और ओराफैरिंक्स के कैंसर के 61.80 प्रतिशत मामलों के लिए धूमपान जिम्मेदार हो सकता है। पुरुषों में इन कैंसरों के लिए यह अनुमान 56.93 प्रतिशत है। स्वरयंत्र यानी लैरिंक्स के कैंसर में भी धूमपान की भूमिका सामने आई है। महिलाओं में इसके 28.48 प्रतिशत और पुरुषों में 49.40 प्रतिशत मामलों का संबंध धूमपान से होने का अनुमान है।

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