यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himalay Diwas 2020: नौ को होगा हिमालय और प्रकृति पर मंथन, विभिन्न राज्यों में होंगे वेबिनार
Himalay Diwas 2020 बुधवार को राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में विशेषज्ञ हिमालय बचाने के लिए मंथन में जुटेंगे। कोरोना संकट के चलते इस बार वेबिनार के जरिये विमर्श होगा।

देहरादून, राज्य ब्यूरो। Himalay Diwas 2020 हिमालय दिवस पर बुधवार को राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में विशेषज्ञ हिमालय बचाने के लिए मंथन में जुटेंगे। कोरोना संकट के चलते इस बार वेबिनार के जरिये विमर्श होगा। दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अगुआई में होने वाले वेबिनार में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि होंगे। इस बार हिमालय दिवस की थीम 'हिमालय और प्रकृति' रखी गई है।
हिमालय दिवस के अंकुर 2010 में हिमालयी राज्य उत्तराखंड की धरती पर फूटे थे। हिमालय यूनिटी मिशन के बैनर तले प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा, डॉ.अनिल प्रकाश जोशी, राधा बहन सहित अन्य पर्यावरणविदों और कार्यकर्ताओं ने यह पहल की और नौ सितंबर को हिमालय दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। तब से प्रतिवर्ष यह सिलसिला निरंतर चला आ रहा है। इसके पीछे मकसद हिमालय के संरक्षण के प्रति हर स्तर पर जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। इस बार हिमालय दिवस का मुख्य आयोजन वेबिनार के जरिये दिल्ली में होगा।हिमालय यूनिटी मिशन से मिली जानकारी के अनुसार वेबिनार में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि होंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह, किरन रिजिजू, अनुराग ठाकुर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ द डिफेंस जनरल बिपिन रावत, केंद्र सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के.विजय राघवन, सचिव डीएसटी प्रो. आशुतोष शर्मा, सचिव डीबीटी डा.रेणुस्वरूप, आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, पद्मभूषण डॉ.अनिल प्रकाश जोशी समेत अन्य हस्तियां इस आयोजन से जुड़ेंगी। बताया गया कि वेबिनार अपराह्न तीन बजे से शुरू होगा। उत्तराखंड समेत अन्य हिमालयी राज्यों में भी वेबिनार के जरिये हिमालय के संरक्षण को लेकर मंथन होगा।
