देहरादून, जेएनएन। नीम हकीम खतरा-ए-जान। शिमला बाईपास स्थित नया गांव पेलियो पर यह कहावत एकदम सटीक बैठती है। एक खबर आई कि गांव में आठ सौ लोग बीमार पड़े हैं। इनमें भी अधिकांश डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। वहां पता चला कि खोदा पहाड़ निकली चुहिया। इस गांव में कुछ लोग वायरल, सर्दी-जुखाम व खांसी से पीडि़त जरूर हैं, लेकिन बीमार लोगों की तादाद इतनी नहीं जितनी बताई गई थी। 

बताया जा रहा है कि इन अफवाह के कारण कुछ झोलाछाप भी हैं। मामूली बुखार व खांसी-जुखाम की शिकायत पर भी कोई ग्रामीण इनके पास पहुंचा तो उन्होंने डेंगू, टायफाइड या अन्य रोग उसे बता दिया। बाकी कसर कुछ छुटभैय्या किस्म के नेताओं ने पूरी कर दी। यह बयान जारी किया कि गांव में आठ सौ से एक हजार लोग बीमार हैं। यानी महामारी जैसे हालात। यही नहीं बुधवार को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यह संख्या 1500 तक बता डाली। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि डेंगू नियंत्रण व जन जागरूकता अभियान के तहत नया गांव पेलियो में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चौहान व मलेरिया नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी के नेतृत्व में चार चिकित्सकों की टीम भेजी गई। क्षेत्र में आशा फैसिलेटर/कार्यकर्ता व जिला समन्वयक भी टीम के साथ मौजूद रहे। टीम ने गांव में मच्छर के लार्वा के सोर्स रिडक्शन का कार्य किया गया। फॉगिंग भी कराई गई। 

साथ ही शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के दौरान 10 लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए। जिन पांच मरीजों को डेंगू होने की बात कही गई है, उनकी एलाइजा जांच नहीं हुई है। सिर्फ रैपिड टेस्ट में ही डेंगू पॉजीटिव बताया गया। उन्होंने कहा कि गांव में बीमार लोगों की जो संख्या आठ सौ बताई गई है वह सही नहीं है। 

स्वास्थ्य विभाग की टीम को 15-20 लोग ही ऐसे मिले जो कि वायरल अथवा सर्दी, जुखाम जैसी सामान्य बीमारी से पीडि़त हैं। इन लोगों को दवा दी गई। बताया कि नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था कर दी गई है। जहां से ब्लड सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए भेजे जा सकेंगे। 

55 और लोग डेंगू की चपेट में 

डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा है। जनपद देहरादून में 55 और लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। इनमें नौ मरीज दून अस्पताल, 34 मरीज गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय, नौ मरीज सीएचसी रायपुर व तीन मरीज एसपीएस अस्पताल ऋषिकेश पहुंचे हुए थे। इसके बाद यहां पर डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 4387 हो गई है। 

बात प्रदेश की करें तो अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 76 सौ से अधिक हो गई है। इनमें भी देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर सर्वाधिक प्रभावित हैं। सुबह व शाम को वातावरण में ठंड बढऩे के बाद भी डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छर की सक्रियता बरकरार रहने से विशेषज्ञ भी हैरान हैं। वैसे भी डेंगू की बीमारी की रोकथाम व बचाव के लिए पूर्व में की गई तैयारियां और इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं। 

फॉगिंग का धुआं बेअसर 

नगर निगम द्वारा डेंगू के मच्छर मारने के लिए फॉंगिंग के नाम पर जो धुआं उड़ाया गया वह भी बेअसर ही रहा है। बताया जा रहा है कि नगर निगम ने पिछले कुछ दिन से क्षेत्रों में फॉगिंग करना भी छोड़ दिया है। इससे लोगों में नाराजगी भी बनी हुई है। 

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राजपुर विस क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने इस बावत नगर निगम के अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। कहा कि डेंगू का प्रकोप अभी बना हुआ है। लेकिन निगम द्वारा क्षेत्रों में फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। जबकि डेंगू मच्छर पूरी तरह निष्क्रिय होने तक क्षेत्रों में फॉंगिंग कराई जानी चाहिए थी। कहा कि नगर निगम सभी वार्डों में दोबारा फॉंगिंग कराएं।

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Posted By: Bhanu

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