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हरिद्वार कुंभ से पहले अपग्रेड होगा ज्वालापुर सबस्टेशन, 200 एमवीए होगी कुल क्षमता

Published: Sat, 21 Mar 2026 06:28 AM (IST)

हरिद्वार कुंभ से पहले ज्वालापुर सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने की बहुप्रतीक्षित योजना को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने मंजूरी दे ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. ज्वालापुर सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि को मंजूरी मिली।

  2. कुंभ मेले के लिए बिजली व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।

  3. परियोजना से कुल क्षमता 200 एमवीए हो जाएगी।

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ की तैयारियों के बीच बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कुंभ के दौरान बढ़ती बिजली की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ज्वालापुर स्थित 132 केवी सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने की बहुप्रतीक्षित योजना को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूइआरसी) ने मंजूरी दे दी है।

आयोग ने पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए 80 एमवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना सहित 21.51 करोड़ की परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।

यूइआरसी के आदेशानुसार, वर्तमान में ज्वालापुर सबस्टेशन पर 3×40 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिन पर लगभग 373 एमवीए का कनेक्टेड लोड निर्भर है। बीते वर्षों में तेजी से बढ़ती बिजली मांग के चलते यह सबस्टेशन अपनी अधिकतम क्षमता के करीब संचालित हो रहा है।

जुलाई 2025 में ट्रांसफार्मर्स पर लोड 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया, जिससे सिस्टम पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। पिटकुल ने अपने प्रस्ताव में बताया कि ज्वालापुर, बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र व हरिद्वार शहर की बिजली आपूर्ति इसी सबस्टेशन पर निर्भर है। साथ ही आगामी कुंभ मेला के चलते बिजली की मांग में वृद्धि संभावित है। आयोग के समक्ष बताया कि वर्ष 2029 तक अधिकतम मांग 179 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान क्षमता से काफी अधिक है।

इसको देखते हुए आयोग ने माना कि सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि आवश्यक है, जिससे न केवल भविष्य की मांग पूरी हो सकेगी बल्कि बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। योजना के तहत एक नया 80 एमवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जबकि पुराने 40 एमवीए ट्रांसफार्मर्स में से एक को हटाया जाएगा।

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परियोजना पूर्ण होने पर सबस्टेशन की कुल क्षमता 200 एमवीए हो जाएगी। आयोग ने पिटकुल को 30 दिन के भीतर विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

आयोग ने परियोजना लागत में संशोधन करते हुए 23.55 करोड़ के प्रस्ताव के मुकाबले 21.51 करोड़ की स्वीकृति दी है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि कार्यों के लिए प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाई जाए और प्रत्येक तिमाही में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। परियोजना की 70 प्रतिशत राशि ऋण के रूप में प्राप्त होगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।