राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (प्रोत्साहन एवं सुविधा) अधिनियम लागू होने के बाद अब सरकार मंडी समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर मनोनयन की कवायद में जुट गई है। माना जा रहा कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 23 मंडी समितियों में इन पदों 46 भाजपा कार्यकर्त्‍ताओं को एडजस्ट किया जा सकता है। उधर, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मंडी समितियों में जल्द ही मनोनयन किए जाएंगे।

सरकार ने पिछले साल राज्य में लागू उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी विकास एवं विनियमन अधिनियम (प्रोत्साहन एवं सुविधा) के तहत राज्य की 23 में से 15 मंडी समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष नामित किए थे। बाद में पुराने अधिनियम के स्थान पर सरकार ने राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (प्रोत्साहन एवं सुविधा) अधिनियम विधानसभा में पारित कराया। राजभवन की मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर में यह नया अधिनियम लागू हुआ और पुराना समाप्त हो गया। पुराना अधिनियम समाप्त होने के साथ ही इसके तहत हुए मनोनयन स्वत: ही समाप्त हो गए थे। बावजूद इसके मनोनीत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अपने-अपने पदों पर आसीन होने का दावा कर रहे थे। नतीजतन हाल में इन्हें हटाने का आदेश करना पड़ा। अधिनियम में प्रविधान है कि नए चुनाव होने तक सरकार मंडी समितियों में मनोनयन कर सकती है। इस दिशा में अब कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

एसएस जीना विवि की कार्य परिषद में चार सदस्य नामित

राजभवन ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा की कार्य परिषद में मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वीके बिष्ट समेत चार सदस्य नामित किए हैं। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी द्वाराहाट, अल्मोड़ा के डिपार्टमेंट आफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के राजीव कुमार चन्याल बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं। अन्य दो सदस्य एसबीएस गवर्नमेंट पीजी कालेज रुद्रपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर गणित गौरव वाष्र्णेय एवं आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल के वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडे नामित किए गए हैं। राज्यपाल के सचिव बृजेश कुमार संत ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

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Edited By: Sunil Negi