Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Hartalika Teej उत्सव मेले में बिखरी गोर्खाली परंपरा, तस्‍वीरों में देखें लोक संस्कृति की छटा

    By Nirmala BohraEdited By:
    Updated: Sun, 28 Aug 2022 08:29 PM (IST)

    Hartalika Teej 2022 गोर्खाली हरितालिका तीज उत्सव मेले में पारंपरिक परिधान में महिलाओं ने लोकगीतों पर जमकर नृत्य किए। इस दौरान तीज क्वीन के रूप में मेथा प्रधान जबकि जीत प्रिंसेज का ताज रिषिता थापा के सिर सजा।

    Hero Image
    Hartalika Teej 2022 : गोर्खाली हरितालिका तीज उत्सव मेला । जागरण

    जागरण संवाददाता, देहरादून : Hartalika Teej 2022 : गोर्खाली हरितालिका तीज उत्सव मेले में गोरखा संस्कृति की सप्तरंगी छटा बिखरी। पारंपरिक परिधान में महिलाओं ने लोकगीतों पर जमकर नृत्य किए।

    कलाकारों द्वारा मंच पर गीत, नृत्य के माध्यम से दर्शक मंत्रमुग्ध हुए। इस दौरान तीज क्वीन मेथा प्रधान जबकि जीत प्रिंसेज का ताज रिषिता थापा के सिर सजा। सात को वयोवृद्ध सम्मान जबकि 11 को प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रविवार को गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव समिति की ओर से गढ़ी कैंट स्थित गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा में भव्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, उत्तरकाशी के अलावा विभिन्न शाखाओं से जुड़े लोग काफी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम की शुरूआत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने किया।

    मुख्य अतिथि ने कहा कि 16 साल से इस उत्सव को गोर्खा समाज मना रहा है। प्रयास रहेगा कि इस तीज उत्सव को राजय स्तरीय कार्यक्रमों में शामिल किया जाए। चटक लाल रंग परिधान- गहनों से पहुंची महिलाओं ने गोर्खाली संस्कृति का संदेश दिया।

    इसके बाद तीज टोलियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध किया। मंच पर नृत्य, गीत, खुखरी डांस, शिव स्तुति की प्रस्तुति दी। गायिका मनीषा आले, सोनाली राई, सुनीता क्षेत्री के गीतों पर दर्शक भी खूब झूम उठे।

    इस दौरान तीज क्वीन प्रतियोगिता में मेथा प्रधान प्रथम, मोनिका राना फर्स्ट रनअर, प्रतिमा शाही सेकंड रनरअप जबकि तीज प्रिंसेज में रिषिता थापा प्रथम, रेशमा पुन फर्स्ट रनरअप, खुशी थापा सेकंड रनरअप रहीं। समिति की अध्यक्ष सुनीता क्षेत्री ने कहा कि मेले के माध्यम से गोरखा संस्कृति को प्रदर्शित करने और नई पीढ़ी से रूबरू कराने का प्रयास किया जाता है।

    इस मौके पर कैंट विधायक सविता कपूर, समिति के संरक्षक सूर्यविक्रम शाही, गोदावरी थापली, संयोजक उपासना थापा, कमला थापा, पूजा सुब्बा, मीनू आले, संध्या पंवार, विशाल थापा, प्रभा शाह, संध्या थापा, वंदना बिष्ट, सीमा शाही आदि रहे।

    इन्हें मिला वयोवृद्ध सम्मान:

    शकुंतला थापा, स्नेहलता बल्लभ, सुमित्रादेवी बल्लभ, रंभा देवी थापा, महिमा देवी अधिकारी, पंडित राधारमण अधिकारी, पदमा देवी।

    प्रतिभा सम्मान से इन्हें नवाजा:

    अभिषेक थापा (बाक्सिंग), सृष्टि थापा (बाक्सिंग), अदिति चंद ठकुरी (बाक्सिंग), शार्दुल प्रधान (शिक्षा), प्रीति मल्ल ( पर्वतारोहण), प्रतीक्षा राई थापा (ब्यूटी पेजेंट), डा. प्रेरणा बल्लभ (चिकित्सक), एसके क्षेत्री (कोच), ओशिन थापा (वेट लिफ्टिंग), दिनेश केनी (कराटे), जगत क्षेत्री (कराटे)।

    गोर्खाली व्यंजनों का उठाया लुत्फ

    मेले में विभिन्न व्यंजनों के स्टाल लगाए गए। लोग ने गोर्खाली व्यंजन सेलरोट, अरसा, अनारसा, बटुक का लुत्फ उठाया। इसके अलावा बच्चों के लिए झूले और खेल का भी आनंद लिया।

    वर्षा ने डाला व्यवधानदोपहर एक बजे के बाद लगातार वर्षा के चलते मेले में भी व्यवधान पड़ा। मेले में सजाए गए विभिन्न स्टाल पर वर्षा के चलते ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच में काफी समय लगा।

    साथ ही महिलाओं को दोपहर के बाद गीतों पर खुलकर झूमने का मौका भी नहीं मिल पायासेल्फी का दिखा खासा क्रेजवर्षा के बाद भी मेले में लोग में सेल्फी को लेकर खासा क्रेज नजर आया।

    किसी ने खाने के स्टाल पर जाकर तो किसी ने झूले और मंच के सामने एलईडी स्क्रीन, पारंपरिक परिधान में गोर्खाली महिलाओं के साथ सेल्फी ली और इंटरनेट मीडिया पर भी साझा किया।