यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cyber Crime IN Dehradun: शातिर ने युवती इस तरह लिया झांसे में, ठगे साढ़े आठ लाख रुपये
Cyber Crime IN Dehradun साइबर क्राइम पुलिस थाने में मंगलवार को ठगी की तीन शिकायतें आईं। पहले मामले में दून ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। Cyber Crime IN Dehradun साइबर क्राइम पुलिस थाने में मंगलवार को ठगी की तीन शिकायतें आईं। पहले मामले में दून की एक युवती को शादी का झांसा देकर शातिर ने साढ़े आठ लाख रुपये ठग लिए। युवती की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीओ साइबर थाना अंकुश मिश्रा के अनुसार निरंजनपुर में रहने वाली युवती ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उसकी दोस्ती एक युवक से हुई थी। उसने खुद को विदेश में चिकित्सक बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा था। एक दिन अचानक आरोपित ने युवती को फोन कर कहा कि वह भारत आ गया है और साथ में विदेशी मुद्रा लेकर आया है, जिसे एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपित ने विदेशी मुद्रा छुड़ाने के लिए युवती से साढ़े आठ लाख रुपये मांगे। युवती के रुपये देने के बाद उसने फोन बंद कर दिया। पुलिस जांच में पता चला है कि जिस खाते में धनराशि जमा कराई गई थी, वह दिल्ली का है।
विदेश से गिफ्ट भेजने के नाम पर ठगे 1.80 लाख
विदेश से गिफ्ट भेजने के नाम पर शातिर ने एक व्यक्ति से एक लाख 80 हजार रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में क्लेमेनटाउन निवासी पीड़ित ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे फेसबुक पर दोस्ती की और खुद को विदेश से बताया। इसके बाद शातिर ने विदेश से गिफ्ट भेजने की बात कही। कुछ दिन बाद आरोपित ने उनसे संपर्क किया और बताया कि गिफ्ट को कस्टम विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। गिफ्ट को छुड़ाने के लिए विभिन्न शुल्कों के नाम पर उसने पीड़ित से रुपये ठग लिए।
शातिर ने खाते से निकाले 74,749 रुपये, पुलिस ने वापस दिलाए
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ठगी के शिकार एक व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस दिला दी है। ऊधमसिंह नगर के प्रतापपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उसके बैंक खाते से किसी शख्स ने 74,749 रुपये निकाल लिए हैं। इसके लिए आरोपित ने उन्हें फोन पर एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करते ही खाते से रकम निकल गई। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फोनपे के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और ट्रांजेक्शन रुकवा दिया।
