जागरण संवाददाता, देहरादून। पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे कार्मिकों ने विजयादशमी पर नई पेंशन योजना की प्रतियां जलाईं। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की मांग की। कार्मिकों ने चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को नई पेंशन योजना की प्रतियां जलाकर विरोध जताया गया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि देश के सभी नई पेंशन योजना कार्मिकों के लिए यह काला कानून अभिशाप बन चुका है। मोर्चा की ओर से हर पर्व पर पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी राज्य सरकारों व केंद्र सरकार तक पुरानी पेंशन बहाली की मांग रखी जा रही है, लेकिन, सरकारें इस ओर गंभीर नहीं हैं।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग देश के 75 लाख शिक्षक, डाक्टर, नर्स, पुलिस कर्मी, रेलवे कर्मी, बैंक कर्मी, सफाई कर्मी आदि लगातार आवाज उठा रहे हैं। जब तक कार्मिकों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक हर वर्ष विजयादशमी पर्व पर नई पेंशन योजना की प्रतियां इसी प्रकार जलाई जाएंगी। इस दौरान उत्तराखंड में संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, राकेश कंधारिया, डा. पंकज प्रजापति, अजय कुमार द्विवेदी, पंकज सिंह, विमलेश कुमार अग्रहरी, अनिल बडोनी, सीताराम पोखरियाल, शोभनाथ यादव आदि आंदोलन में शामिल हुए।

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प्रदेश में लोकायुक्त की मांग को ठहराया जायज

लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे राज्य आंदोलनकारी को संयुक्त नागरिक संगठन ने समर्थन दिया है। उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा है। शुक्रवार को पटेलनगर में लोकायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दे रहे राज्य आंदोलनकारी परमानंद बलोदी व सुमन बडोनी को समर्थन देते हुए संयुक्त नागरिक संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने कहा कि लोकायुक्त की मांग जायज है। जिसे सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए। राज्य निर्माण के उद्देश्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति भी शामिल थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। वहीं, धरना पर बैठे परमानंद बलोदी व सुमन बडोनी ने शुक्रवार से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। इस मौके पर गोपाल दत्त, अखिलेश कोहली, मनोज ध्यानी मौजूद रहे।

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Edited By: Sunil Negi