यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय बोले, प्राइमरी स्कूलों से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केंद्र
नौनिहालों को स्कूल की चौखट पर पहुंचने से पहले से ही स्कूल का अहसास कराया जाएगा। स्कूलों के साथ मजबूत ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। नौनिहालों को स्कूल की चौखट पर पहुंचने से पहले से ही स्कूल का अहसास कराया जाएगा। स्कूलों के साथ मजबूत रिश्ता कायम करने की ये शुरुआत प्री-प्राइमरी के माध्यम से होगी। आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी शिक्षा का जिम्मा उठाएंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों के साथ लाने की तैयारी तेज की जा रही है।
प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र से प्राइमरी शिक्षा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बदलाव का आधार तैयार कर चुकी है। उत्तराखंड इन बदलावों को मूर्त रूप देने में जुट गया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता और उस पर अभिभावकों का भरोसा कायम करने में राज्य सरकार पूरी ताकत से जुटेगी। नई नीति के प्रविधानों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर अमल में लाया जाएगा। बीते दिनों नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को गठित विभागीय कोर कमेटी की बैठक में शिरकत कर चुके शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि स्कूली शिक्षा को नया रूप देने को सरकार कटिबद्ध है।
तीन साला होगी प्री-प्राइमरी शिक्षा
अगले शैक्षिक सत्र से प्री-प्राइमरी को स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग कसरत में जुटा हुआ है। नई नीति में तीन साल की आंगनबाड़ी व प्री-प्राइमरी शिक्षा होगी। दो सालों में पहली और दूसरी कक्षा की पढ़ाई शामिल होगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र अब प्राइमरी स्कूलों से जुड़ जाएंगे। वर्तमान में पांच हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र प्राइमरी स्कूलों में संचालित किए जा रहे हैं। अगले सत्र तक इस व्यवस्था को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। प्री स्कूलिंग अब समग्र शिक्षा अभियान का हिस्सा होगा।
