वीपीडीओ भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ED की 6 घंंटे की लंबी पूछताछ, संपत्ति के दस्तावेज मांगे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती घोटाले में करीब ...और पढ़ें

फाइल।
HighLights
हरीश रावत से वीपीडीओ भर्ती घोटाले में छह घंटे पूछताछ।
ईडी ने पुराने आयकर रिटर्न और संपत्ति के दस्तावेज मांगे।
तत्कालीन ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में पूछताछ।
जागरण संवाददाता, देहरादून। वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को करीब छह घंटे पूछताछ की। ईडी के नोटिस पर रावत देहरादून स्थित कार्यालय पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया।
पूछताछ में पुराने आयकर रिटर्न, परिवार व संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही 2016 की भर्ती परीक्षा, ओएमआर प्रक्रिया व उनके तत्कालीन ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली गई।
वीपीडीओ भर्ती जांच में दर्ज कराया बयान
ईडी की कार्रवाई का केंद्र रावत के तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़ा मामला है। 10 सितंबर को जीना समेत अन्य ठिकानों पर हुई तलाशी में ईडी के अनुसार 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 महंगी घड़ियां मिली थीं। जीना और परिवार से जुड़े खातों में करीब 52.16 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए। कुल करीब 1.28 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज किए जाने की बात ईडी ने कही है।
मां की तस्वीर गले में डालकर पहुंचे रावत
ईडी कार्यालय जाने से पहले रावत ने मां देवकी देवी, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण किया। वह अपनी मां की तस्वीर गले में डालकर कार्यालय पहुंचे। रावत ने कहा कि उन्हें दो दिन पहले नोटिस मिला था और वह जांच एजेंसी के बुलावे पर आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईडी ने उनसे पुराने आयकर रिटर्न और परिवार की संपत्तियों का ब्योरा मांगा है।
