ईंधन बचाओ मुहिम के बीच DRDO का औली दौरा, VIP इंतजाम की मांग पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री के ईंधन बचाने के आह्वान के बीच, डीआरडीओ द्वारा औली में एक कार्यशाला के लिए वीआईपी व्यवस्था की मांग पर सवाल उठ रहे हैं।

एआइ जनरेडेट फोटो।

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सुमन सेमवाल, देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक हालात के बीच ईंधन बचाने के लिए हरसंभव प्रयास का आह्वान कर चुके हैं। डीओपीटी ने भी सर्कुलर जारी कर 50 प्रतिशत कार्मिकों को वर्क फ्राम होम की व्यवस्था करने के साथ ही अनावश्यक दौरों से परहेज करने को कहा है।
राज्य सरकार की मशीनरी भी ईंधन बचाने के लिए विभिन्न स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के प्रयास कर रही है।
हालांकि, इस मुहिम के बीच डीआरडीओ न सिर्फ लाव-लश्कर लेकर चमोली के औली में कार्यशाला आयोजित कर रहा है, बल्कि उन्हें चमोली प्रशासन से वीआइपी व्यवस्था भी चाहिए।
इस संबंध में डीआरडीओ के डिफेंस इंस्टीट्यूट आफ फिजियोलाजी एंड एलाइड साइंसेज (डीआइपीएएस) दिल्ली ने चमोली के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
डीआइपीएएस का यह दौरा 21 से 24 मई के बीच प्रस्तावित है। इसमें करीब 35 अधिकारी शामिल होंगे और उनके स्वजन के साथ यह संख्या कुल 65 के आसपास बताई जा रही है।
कहने को यह तामझाम औली में आयोजित एक कार्यशाला के लिए किया जा रहा है, लेकिन जिस तरह के तामझाम की मांग डीआरडीओ ने जिला प्रशासन से की है, उसे देखते हुए यह काम के साथ व्यक्तिगत भ्रमण जैसा भी प्रतीत होता है।
क्योंकि, डीआरडीओ के कार्मिकों ने परिवार के साथ 23 मई को बदरीनाथ धाम के दर्शन की इच्छा भी जताई है। कार्यशाला और चमोली भ्रमण के लिए जिला प्रशासन से सभी तरह की आवश्यक व्यवस्था का आग्रह किया गया है और वाहनों की अच्छी खासी संख्या भी दौरे में उपलब्ध रहेगी।
ईंधन बचाओ मुहिम के बीच डीआरडीओ के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे को लेकर न सिर्फ सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि चमोली का जिला प्रशासन भी असहज नजर आ रहा है।
जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार का कहना है कि उन्हें पत्र जरूर मिला है, लेकिन शासन से अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। शासन की अनुमति के बिना कोई भी इंतजाम मांग के अनुरूप किया जाना संभव नहीं है।
औली में नहीं कोई व्यवस्था, 10 लाख का प्रोजेक्टर और आडियो सिस्टम खरीदा
डीआरडीओ की औली में प्रस्तावित कार्यशाला के लिए आवश्यक संसाधन भी मौजूद नहीं हैं। ऐसे में इस तरह की कार्यशाला के लिए औली का चयन किया जाना अटपटा निर्णय प्रतीत होता है।
यही वजह है कि डीआरडीओ ने इस आयोजन के लिए करीब 10 लाख रुपये का नया प्रोजेक्टर, आडियो आदि सिस्टम खरीदा है।
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