दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे: 1.73 करोड़ से जगमगाएगा डाट काली-आशारोड़ी मार्ग, 3.5 KM में लगेंगी 220 लाइटें
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर डाट काली मंदिर से आशारोड़ी तक 3.5 किमी मार्ग पर 1.73 करोड़ रुपये की लागत से 220 ...और पढ़ें

HighLights
डाट काली से आशारोड़ी मार्ग पर लगेंगी 220 स्ट्रीट लाइटें।
1.73 करोड़ रुपये की लागत से रोशन होगा 3.5 किमी मार्ग।
रात में सुरक्षित होगा सफर, हादसों का खतरा होगा कम।
वत्सल गुप्ता, देहरादून। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर डाट काली मंदिर से आशारोड़ी का मार्ग अब जल्द ही रोशन होने जा रहा है। इस मार्ग पर 1.73 करोड़ रुपये की लागत से 220 स्ट्रीट लाइट लगाइ जा रही है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद दून के हिस्से में इस 3.5 किमी लंबे मार्ग पर लाइट न होने से अंधेरा पसरा रहता था। स्ट्रीट लाइट लगने से अब देहरादून में प्रवेश करने वाले यात्रियों को रात के समय परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एक्सप्रेसवे पर दून के हिस्से में पसरा रहता है अंधेरा
दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर डाट काली मंदिर से लेकर आशारोड़ी तक का मार्ग काफी अहम है। दून के हिस्से में एक्सप्रेसवे का यही हिस्सा है। देहरादून और दिल्ली के बीच यातायात सुगम होने के साथ इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद एलिवेटेड रोड तक का हिस्सा तो रोशन किया गया, लेकिन इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाइ गइ थी। ऐसे में शाम होते ही इस मार्ग पर अंधेरा पसर जाता था, इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
3.5 किमी के मार्ग में लगेगी 220 स्ट्रीट लाइट
इसी को देखते हुए अब इस पूरे हिस्से को स्ट्रीट लाइट से रोशन करने की योजना तैयार की गइ है। एनएचएआई इस मार्ग को रोशन करने के लिए साढ़े तीन किमी तक 1.73 करोड़ की लागत से 220 स्ट्रीट लाइट लगाने जा रहा है। इससे वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि डाट काली टनल से लेकर आशारोड़ी तक स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू हो गया है। इस पूरे मार्ग पर 220 स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है।
अंधेरा रहने से बढ़ गया था हादसों का खतरा
आशारोड़ी से डाट काली टनल तक अंधेरे के कारण हादसों का खतरा भी बढ़ गया था। दरअसल, टनल से लेकर आशारोड़ी तक मार्ग पर ढलान है। इसके साथ ही वाहनों की रफ्तार भी तेज रहती है। कई बार इस मार्ग पर हादसे हुए है। रात के समय तेज गति से चलने वाले वाहनों के बीच सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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दून में प्रवेश का बनेगा बेहतर अनुभव
डाट काली से आशारोड़ी तक का हिस्सा देहरादून का प्रवेश मार्ग भी है। दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले पर्यटक और अन्य यात्री इसी मार्ग से दून में प्रवेश करते हैं। रात में रोशनी होने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि शहर में प्रवेश करने वाले यात्रियों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
