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हरीश रावत के जीवन पर वृत्तचित्र: हरदा ने 25 रुपये में लड़ा था ब्लाक प्रमुख का चुनाव

Published: Sun, 24 May 2026 12:02 AM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन पर आधारित 'उत्तराखंडियत की ओर' वृत्तचित्र का लोकार्पण हुआ, जिसमें उनकी 25 रुपये में ...और पढ़ें

सहारनपुर रोड स्थित होटल वायसराय इन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री उत्तराखंडियत की ओर का लोकार्पण करते पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल व कांग्रेसी कार्यकर्ता। जागरण

सहारनपुर रोड स्थित होटल वायसराय इन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री उत्तराखंडियत की ओर का लोकार्पण करते पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल व कांग्रेसी कार्यकर्ता। जागरण

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राज्य ब्यूरो, देहरादून।  पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र ‘उत्तराखंडियत की ओर’ में उनकी राजनीतिक यात्रा के कई रोचक पहलुओं को सामने रखा गया।

वृत्तचित्र में बताया गया कि उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में मात्र 25 रुपये में ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ा था।

शनिवार को देहरादून के पटेलनगर स्थित होटल वायसराय इन में आयोजित कार्यक्रम में इस वृत्तचित्र का लोकार्पण महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, संत हरि बोल चैतन्य महाराज समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।

वृत्तचित्र में हरदा की ग्रामसभा स्तर से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक की राजनीतिक यात्रा को विस्तार से दर्शाया गया है। इसमें उनकी नेहरू-गांधी परिवार से नजदीकी का जिक्र है तो युवा कांग्रेस व सेवा दल में रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कैसे अपनी पहचान बनाई, यह भी दिखाया गया है। श्रमिक संगठनों के आंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।

वृत्तचित्र में वर्ष 1980 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र है, जब अल्मोड़ा संसदीय सीट से उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को हराकर राजनीतिक पहचान बनाई। वृत्तचित्र में वर्ष 2016 के राजनीतिक संकट को भी शामिल किया गया है। इसमें बताया गया कि मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत को बगावत का सामना करना पड़ा था।

2013 की केदारनाथ आपदा को किया याद

वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा और उसके बाद चारधाम यात्रा को पुनः शुरू कराने के उनके प्रयासों को भी रेखांकित किया गया है। इसमें यह भी दिखाया गया कि मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने पार्टी के वरिष्ठ नेता सांसद राहुल गांधी के साथ पैदल केदारनाथ यात्रा की थी।

संसद में शून्यकाल के नायक थे हरदा : कोश्यारी

कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उनकी ओर हरदा की विचारधारा अलग-अलग होने के बावजूद उनसे आत्मीय संबंध रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संसद में युवा हरीश रावत ‘शून्यकाल के नायक’ माने जाते थे और एक कर्मठ युवा नेता के रूप में उनकी पहचान थी।

कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, ममता राकेश, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सजवाण, अशोक वर्मा, आशा मनोरमा शर्मा डोबरियाल, सुरेंद्र कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

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